नए IT नियमों का पालन ना करने पर केंद्र सरकार ने Twitter से छीना कानूनी सुरक्षा का आधार

सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 25 मई 2021 से नए IT कानून लागू किए हैं। लेकिन अमेरिकन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter ऐसा प्लेटफार्म है जिसने भारत सरकार की तरफ से कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद भी नियमों का पालन नहीं किया है। इससे नाराज केंद्र सरकार ने ट्विटर से कानूनी सुरक्षा का आधार छीन लिया है।

नए IT नियमों का पालन न करना टि्वटर इंडिया को भारी पड़ गया है। मिली जानकारी के अनुसार भारत में ट्विटर ने  कानूनी सुरक्षा का आधार गवा दिया है। न्यूज़ एजेंसी ए एन आई की रिपोर्ट के अनुसार ट्विटर की तरफ से 25 मई से लागू हुए इनफॉरमेशन एंड टेक्नोलॉजी नियमों का अनुपालन अब तक नहीं किया गया है।  जिसके बाद ट्विटर खिलाफ यह कठोर कदम उठाया गया है। ट्विटर के खिलाफ अब भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत मामले दर्ज हो सकेंगे और पुलिस भी पूछताछ कर सकेगी।

ट्विटर के खिलाफ अब हो सकेगा केस दर्ज

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म् ट्विटर पर यह सख्ती ऐसे समय में दिखाई गई है, जब एक वायरल वीडियो के विषय में उस पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पुलिस स्टेशन में एक एफ आई आर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि अब इस मामले को लेकर ट्विटर पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

क्यों लिया गया एक्शन ?

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पुलिस स्टेशन में एक बुजुर्ग के साथ मारपीट और अभद्रता किए जाने के वीडियो वायरल होने के बाद ट्विटर सहित नौ लोगों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की थी। इन सभी पर घटना को गलत तरीके से सांप्रदायिक रूप देने की वजह से यह कार्रवाई की गई है। टि्वटर पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक  मुस्लिम बुजुर्गों को पीटा गया और उसकी दाढ़ी काट दी गई। गाजियाबाद पुलिस के अनुसार ट्विटर ने इस वीडियो को वायरल होने से रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। गाजियाबाद पुलिस द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार इस मामले की सच्चाई अलग ही है। जबकि इसे दिखाया किसी दूसरे तरीके से गया था।

गाजियाबाद पुलिस ने क्या कहा ?

पीड़ित बुजुर्ग ने आरोपी को कुछ ताबीज दिए थे। जिनके परिणाम अच्छे ना मिलने से नाराज आरोपी ने बुजुर्ग की पिटाई कर दी और उसकी दाढ़ी भी काट दी। लेकिन ट्विटर ने इस वीडियो को मैनिपुलेटेड मीडिया का टैग नहीं दिया। पुलिस ने यह भी बताया था कि पीड़ित ने अपनी प्राथमिकी में जय श्रीराम के नारे लगवाने की और दाढ़ी काटने की बात दर्ज नहीं कराई है।

अब ट्विटर एक अकेला ऐसा प्लेटफॉर्म है जिससे आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाला कानूनी संरक्षण वापस ले लिया गया है। जबकि व्हाट्सएप , फेसबुक , यूट्यूब , इंस्टाग्राम और गूगल जैसे प्लेटफॉर्म के पास अभी भी यह सुरक्षा है।

Comments

Translate »