Chandra Kumar Bose Joins TMC: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस 12 अप्रैल को TMC में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस पार्टी का झंडा थामा।
चंद्र कुमार बोस टीएमसी में शामिल हुए
पश्चिमबंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चद्र कुमार बोस ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया। इस घटना को राजनीतिक गलियारों में तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। यह एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर है।
Chandra Kumar Bose Joins TMC
चंद्र कुमार बोस नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई शरत चंद्र बोस के पौते हैं। पारिवारिक इतिहास के अनुसार, वे शरत चंद्र बोस के नवासी हैं। वे कोलकाता के रहने वाले हैं। उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई लंदन से की है। वे लंबे समय से नेताजी की विरासत संभाले हुए हैं।
Chandra Kumar Bose की राजनीतिक यात्रा
- 2016 में बीजेपी में शामिल हुए उसी साल पश्चिम बंगाल के भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़े और हार गए।
- भाजपा की बंगाल यूनिट के वॉइस प्रेजिडेंट बने।
- 2019 में कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट से TMC उम्मीदवार माला राय से हार गए।
- 2020 में पार्टी में आंतरिक मतभेद बढ़े।
- सितंबर 2023 में भाजपा से इस्तीफा दिया उन्होंने कहा था कि बीजेपी की “विभाजनकारी और ध्रुवीकरण राजनीति” नेताजी के विचारों से मेल नहीं खाती। उन्होंने CAA जैसे मुद्दों पर भी असहमति जताई। उसके बाद वे स्वतन्त्र रूप से सक्रिय थे।
चंद्र कुमार बोस कर चुके हैं ममता बनर्जी की तारीफ
उन्होंने कई बार टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की तारीफ की है। उन्होंने कहा था की ममता बनर्जी बंगाल को अच्छी तरह समझती हैं। उन्होंने जनवरी 2026 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर ममता बनर्जी के साथ मंच साझा किया।
Chandra Kumar Bose TMC में शामिल होकर क्या बोले ?
टीएमसी में शामिल होने के बाद चंद्र कुमार बोस ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखे आरोप लगाए। उनका मुख्य ब्यान :
- भाजपा में शामिल होना ऐतिहासिक भूल थी लेकिन मुझे इसका बहुत जल्दी एहसास हो गया।
- भाजपा का एकमात्र उद्देश्य चुनाव जीतने के लिए मतदाताओं के बीच विभाजन और ध्रुवीकरण पैदा करना है।
- आप सांप्रदायिक दंगो से सांप्रदायिकता को नहीं हरा सकते। हमे देश की एकता बचाने के लिए सभी समुदायों को एकसाथ लाना होगा।
- बीजेपी जिस तरह की बांटने वाली राजनीती कर रही है, उसे खत्म करने की जरूरत है। अब लड़ाई शुरू हो चुकी है।
- उन्होंने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को भी असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक करार दिया है।
TMC ने चंद्र कुमार बोस का स्वागत किया
कीर्ति आजाद और ब्रात्य बासु जैसे बड़े टीएमसी नेताओं नेचंद्र कुमार बोस का तृणमूल कांग्रेस पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चंद्र कुमार बोस का पार्टी में शामिल होना टीएमसी को मजबूत करेगा।
बीजेपी को लगा तगड़ा झटका
भाजपा के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। क्योंकि चंद्र बोस नेताजी की विरासत से जुड़े हुए हैं। पश्चिम बंगाल में उनकी मजबूत पहचान है।





