जस्टिस यूयू ललित भारत अगले प्रधान न्यायाधीश होंगे। CJI एनवी रमना ने उनके नाम की सिफारिश अपने उत्तराधिकारी के रूप में की है। जस्टिस ललित भारत के 49 वे मुख्य न्यायाधीश होंगे।
जस्टिस यूयू ललित भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश बनेंगे। वर्तमान में भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने उनके नाम की सिफारिश अपने अगले उत्तराधिकारी के रूप में की है। सीजेआई एनवी रमना इसी महीने सेवानिवृत हो रहे हैं। उनके बाद Supreme Court के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर यूयू ललित कार्यभार संभालेंगे। सीनियर लिस्ट के अनुसार जस्टिस यूयू ललित ही देश के मुख्य न्यायाधीश बनने के प्रमुख दावेदार थे। जस्टिस ललित तीन तलाक जैसा अहम फैसला देने वाली पीठ हिस्सा थे।
देश के दूसरे ऐसे CJI
जस्टिस ललित देश के ऐसे दूसरे न्यायाधीश होंगे जो बार काउंसिल से आकर जज बने हैं और फिर CJI बनने का मौका मिला है। इससे पहले 1971 में जस्टिस एसएम सिकरी इसी तरह सीजेआई बने थे।
26 अगस्त को रिटायर होंगे सीजेआई रमना
सीजेआई एनवी रमना 26 अगस्त 2022 को अपने पद से सेवानिवृत होंगे। उसके अगले दिन 27 जुलाई को जस्टिस यूयू ललित CJI पद की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी। बता दें, भारत में ये दो ऐसा सर्वोच्च पद हैं जिन्हे राष्ट्रपति और सीजेआई एक दूसरे को पद की शपथ दिलाते हैं। राष्ट्रपति को पद की शपथ देश का मुख्य न्यायाधीश दिलाता है और CJI को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाते हैं।
बायो
जस्टिस यूयू ललित को 13 अगस्त 2014 को सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति मिली थी। तब से लेकर अब तक उन्होंने सर्वोच्च अदालत के कई अहम फैसलों का निपटारा किया है। उन्होंने केरल के पद्मनाभम स्वामी मंदिर के मामले में अहम फैसला सुनाया था। इसके अलावा, वह पॉक्सो एक्ट को लेकर अहम फैसला देने वाली बेंच का भी हिस्सा रहे हैं।
यूयू ललित ने जून 1983 में वकील के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 1985 तक बॉम्बे हाई कोर्ट में वकालत की। उसके बाद वह 1986 में दिल्ली आ गए थे। 9 नवंबर 1957 को जन्में जस्टिस यूयू ललित का कार्यकाल बहुत छोटा रहेगा। वह 8 नवंबर 2022 को सेवानिवृत हो जाएंगे।