CBI Director मामला: सीजेआई रंजन गोगोई ने अंतरिम प्रमुख एम नागेश्वर राव के खिलाफ याचिका की सुनवाई से किया किनारा

चयन समिति का सदस्य होने के कारण सुनवाई से किया इनकार।

अब याचिका की दूसरी बेंच करेगी सुनवाई

नई दिल्लीः 10 जनवरी 2019 को सीबीआई प्रमुख अलोक वर्मा को हटाकर एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम प्रमुख बनाया गया। तीन सदस्यीय समिति ने लिया निर्णय। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस सिकरी की उच्चाधिकार समिति ने 2-1 के मतों से लिया निर्णय।

भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सीबीआई के अंतरिम प्रमुख पद से नागेश्वर राव को हटाए जाने वाली याचिका की सुनवाई से अलग कर लिया है। उन्होंने कहा,सीबीआई प्रमुख चयन समिति का सदस्य होने के कारण मुझे इस याचिका की सुनवाई नहीं करनी चाहिए। इस याचिका की सुनवाई 24 जनवरी को दूसरी बेंच करेगी।

नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक बनाये जाने के खिलाफ एनजीओ कॉमन कॉज और आरटीआई कार्यकर्ता अंजली भारद्वाज ने याचिका लगाई थी। याचिका में राव को सीबीआई का अंतरिम प्रमुख बनाए जाने के खिलाफ चुनौती दी गई।

एनजीओ कॉमन कॉज ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राव को अंतरिम प्रमुख हटाए जाने की मांग की।

CJI Ranjan Gogoi said that he is a member of the Selection Committee to pick new CBI Director. The plea will now be heard on January 24 by another bench. https://t.co/QO9B8Q8nUn— ANI (@ANI) January 21, 2019

एम नागेश्वर राव ओडिशा कैडर के आईपीएस 1986 बैच के अधिकारी है। उन्होंने 2016 में सीबीआई संयुक्त निदेशक के पद पर ज्वाइन की थी।

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