बुल्ली बाई और सुल्ली डील्स ऐप्स मामले के मुख्य आरोपियों को दिल्ली की एक अदालत ने मानवता के आधार पर सोमवार के दिन जमानत दे दी है। Bulli Bai एप केस के मुख्य आरोपी नीरज बिश्नोई और Sulli Deals के डेवलपर औंकारेश्वर ठाकुर को कोर्ट शर्तों के साथ जमानत दी है।
बिश्नोई और ठाकुर को मिली जमानत
सोशल मीडिया पर महिलाओं के नीलामी करने वाली एप्स के मुख्य आरोपियों को दिल्ली की एक अदलात ने सोमवार के दिन जमानत दे दी है। अदालत ने दोनों आरोपियों को सशर्त जमानत दी है। अदालत के मानना है कि दोनों आरोपी पहली बार के अपराधी हैं और लगातार जेल में रहना उनके भविष्य के लिए हानिकारक होगा। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत देते समय सख्त शर्तों का पालन करने के लिए निर्देश दिया है। ताकि , वे किसी गवाह को धमका न सकें और सबूतों को नष्ट न कर सकें।
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अदालत ने इन शर्तों के साथ दी जमानत
अदालत ने जमानत देते समय दोनों आरोपियों से कहा कि वे किसी भी पीड़ित व्यक्ति से संपर्क न करें , डराने धमकाने की कोशिश न करें और पीड़ितों को प्रेरित करने का प्रयास न करें। कोर्ट ने कहा कि आरोपी व्यक्ति सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा। जाँच अधिकारी को अपना एड्रेस और संपर्क का साधन प्रदान करेगें। अपना फोन चालू रखेंगे और आरोपी देश छोड़कर नहीं जाएंगे। अदालत ने कहा कि दी गई तारीखों पर कोर्ट के सामने पेश होंगे। जमानत पर रहते हुए कोई दूसरा अपराध नहीं करेंगे।
क्या है मामला ?
बता दें , सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुल्ली डील्स और बुल्ली बाई एप के जरिए कुछ महिलाओं को टारगेट किया जा रहा था। इन दोनों एप्स पर महिलाओं की काल्पनिक नीलामी की जाती थी। मुस्लिम महिलाओं के सोशल मीडिया एकाउंट्स से उनकी फोटोज को गलत तरीके से उठाकर इन दोनों एप्स पर अपलोड किया जाता था।
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