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Divya Mittal ने लॉन्च की Jan Neeti Bharat Party, 2027 यूपी चुनाव लड़ेंगी पूर्व आईएएस अधिकारी

Divya Mittal ने लॉन्च की Jan Neeti Bharat Party

Divya Mittal launched the Jan Neeti Bharat Party: पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने जन नीति भारत पार्टी बनाई। 2027 यूपी चुनाव लड़ेंगी। तीन वादे और पूरा बयान पढ़ें।

Divya Mittal launched the Jan Neeti Bharat Party

पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में औपचारिक एंट्री कर ली है। गुरुवार को उन्होंने अपनी नई पार्टी जन नीति भारत का ऐलान किया। यह पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी।

दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी थीं। 13 साल की सेवा के बाद 30 अगस्त 2026 को उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। सितंबर में उन्होंने राजनीति में आने की बात कही थी। आज सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्होंने पार्टी का नाम और प्लान साफ कर दिया।

Jan Neeti Bharat Party क्या है ?

दिव्या मित्तल का कहना है कि सामान्य राजनीति जनता पर राज करती है। जन नीति में राज जनता का होगा। पार्टी का मकसद नीतियों के केंद्र में आम लोगों को रखना है।

दिव्या मित्तल ने तीन मुख्य वचन बताए:

  1. नीतियां कागजी आंकड़ों पर नहीं, जनता की असली जरूरत पर बनेंगी। लोगों की भागीदारी रहेगी।
  2. फैसले जाति, धर्म या हैसियत देखकर नहीं लिए जाएंगे। जरूरत के आधार पर सबके लिए बराबरी का रुख होगा।
  3. सरकार सिर्फ चुनाव के दिन नहीं, पूरे पांच साल जनता के प्रति जवाबदेह रहेगी। हर काम का हिसाब जनता लेगी।
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर कनेक्शन

दिव्या मित्तल पहले मिर्जापुर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। कई रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि वे मिर्जापुर सदर सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। वहां उनका प्रशासनिक अनुभव और स्थानीय समझ काम आ सकती है।

Jan Neeti Bharat पार्टी कैसे चलेगी?

उन्होंने साफ कहा कि बड़े फंड या भारी विज्ञापन पर निर्भर नहीं रहेंगे। घर-घर जाकर काम करेंगे। लोगों से अपील की कि वीडियो और संदेश को तीन और लोगों तक पहुंचाएं। तीन शब्द लिखें—राजनीति नहीं, जननीति।

दिव्या मित्तल IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर की पढ़ी-लिखी हैं। पहले वॉल स्ट्रीट पर भी काम कर चुकी हैं। प्रशासनिक अनुभव के बाद अब वे कहते हैं कि उनकी कोशिश पूरी राजनीति की सोच बदलने की है।

2027 के यूपी चुनाव अभी काफी दूर हैं। लेकिन पूर्व IAS अधिकारी का यह कदम सियासी चर्चाओं में जरूर जगह बना रहा है। जन नीति भारत अब मैदान में है। आगे क्या होता है, यह समय बताएगा।

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