Former Bangladesh Election Commissioner Nurul Huda arrested

बांग्लादेश के पूर्व चुनाव आयुक्त नुरुल हुदा गिरफ्तार, भीड़ ने पहनाई जूतों की माला

Nurul Huda arrested: बांग्लादेश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त के.एम. नुरुल हुदा को चुनाव में धांधली के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। आक्रोशित भीड़ ने हुदा को जूतों की माला पहनाई।

बांग्लादेश के पूर्व CEC के.एम. नुरुल हुदा गिरफ्तार

बांग्लादेश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC )  काजी मोहम्मद नुरुल हुदा को ढाका के उत्तरा इलाके में उनके घर से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पूर्व पीएम शेख हसीना के शासनकाल में हुई कथित चुनावी धांधली के आरोपों के कारण हुई।

Nurul Huda की चुनावी धांधली में भूमिका

नुरुल हुदा 2017 से 2022 तक बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे। उनके कार्यकाल में 30 दिसंबर 2018 को हुई 11वीं संसदीय चुनाव बेहद विवादास्पद रही। विपक्ष (मुख्य रूप से बीएनपी) ने आरोप लगाया कि वोटिंग से एक रात पहले ही बड़े पैमाने पर बैलट बॉक्स स्टफिंग हुई थी। इसे “मिडनाइट वोटिंग” या “रात का चुनाव” कहा गया था। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश की रिपोर्ट में भी कई सीटों पर रात में वोट डाले जाने की पुष्टि हुई थी। इसी तरह 2014 और 2024 के चुनावों में भी अवामी लीग की जीत को धांधली वाला माना जाता रहा।

नुरुल हुदा और अन्य की गिरफ्तारी

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने ढाका के शेर-ए-बांग्ला नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में कुल 24 लोगों को आरोपी बनाया गया। जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, तीन पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (काजी रकीबुद्दीन अहमद,K M Nurul Huda, काजी हबीबुल अवाल), कई पूर्व चुनाव कमिश्नर, पूर्व आईजीपी, इंटेलिजेंस अधिकारियों आदि शामिल हैं।

नुरुल हुदा पर आरोप

2014, 2018 और 2024 के चुनावों को “जनादेश के बिना” और “धांधली से” चुनाव कराना, वोटरों के अधिकार को छीनना और शेख हसीना के पक्ष में वोट डलवाना।

Nurul Huda की गिरफ्तारी और भीड़ का आक्रोश

के.एम. Nurul Huda की गिरफ्तारी के दिन शाम को उत्तरा में नुरुल हुदा के घर के बाहर भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने उनके घर में घुसकर उन्हें बाहर खींचा। जनता ने जूतों की माला गले में डाली। पूर्व चुनाव आयुक्त को जूते और थप्पड़ मारे, अंडे फेंके और अपशब्द कहे। बाद में भीड़ ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। के.एम. नुरुल हुदा को पुलिस ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर डिटेक्टिव ब्रांच दफ्तर ले गई।

गिरफ्तारी के बाद Nurul Huda का कबूलनामा

बाद में Nurul Huda ने कोर्ट में कबूलनामा (Confessional Statement) दिया कि 2018 का चुनाव वाकई धांधली वाला था और इंटेलिजेंस एजेंसियों (एनएसआई, डीजीएफआई) ने इसमें भूमिका निभाई थी। इसी केस में एक अन्य पूर्व सीईसी काजी हबीबुल अवाल को भी गिरफ्तार किया गया।

फिलहाल, Nurul Huda जेल में हैं। उनके खिलाफ धांधली के अलावा भ्रष्टाचार के भी आरोपों की जांच चल रही है। शेख हसीना के शासनकाल के कई पूर्व अधिकारियों पर इसी तरह के केस चल रहे हैं। अंतरिम सरकार ने 2026 में नया चुनाव कराने का वादा किया है।

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