Galgotias University को India AI Impact Summit 2026 में घनघोर बेइज्जती का सामना कना पड़ा। यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने विवादास्पद ब्यान दिया। जिससे बड़ी फजीहत हुई।
Galgotias University की India AI Impact Summit 2026 में फजीहत
समिट के एक्सपो में गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने अपना पवेलियन लगाया था। वहां एक चार पैरों वाला रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया गया। जिसका यूनिवर्सिटी ने Orion नाम रखा। यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने डीडी न्यूज़ को बताया कि इसे यूनिवर्सिटी के उत्कृष्टता का केंद्र द्वारा विकसित किया गया।
प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा,”यह कैंपस में आजाद घूमता है। सर्विलांस, मॉनिटरिंग और मुश्किल जगहों पर इमेज कैप्चर करता है। गलगोटियास AI में 350 करोड़ से भी अधिक निवेश करने वाली पहली यूनिवर्सिटी है।”
Galgotias University का झूठ ऐसे पकड़ा गया
रोबो डॉग का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह चाइनीज कंपनी “यूनिट्री रोबोटिक्स” का Unitree Go2 मॉडल है। यह एक कमर्शियल प्रोडक्ट है जो भारत में दो-तीन लाख रुपए में आसानी से मिल जाता है। यह कोई नया या यूनिवर्सिटी का इनोवेशन नहीं है।
India AI Impact Summit 2026 में विवाद और Galgotias University की फजीहत
- सोशल मीडिया पर गलगोटियास की भारी ट्रोलिंग हुई।
- लोगों ने इसे देश की इमेज खराब करने वाला कृत्य बताया।
- चीनी मीडिया और यूजर्स ने भी भारत का मजाक उड़ाया।
- विपक्षी पार्टियों ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर सस्ती PR के आरोप लगाए।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने गलगोटियास यूनिवर्सिटी को तुरंत एक्सपो स्टॉल खाली करने के निर्देश दिए।
- समिट आयोजकों ने इसे राष्ट्रीय शर्मिंदगी का कारण बताया।
- गलगोटियास के स्टॉल की बिजली काट दी गई।
Galgotias University की प्रोफेसर नेहा सिंह की सफाई
गलगोटियास यूनवर्सिटी ने ब्यान जारी करते हुए कहा ,” हमने रोबो डॉग नहीं बनाया है और न ही ऐसा दावा किया है। यह छात्रों के रिसर्च और लर्निग के लिए खरीदा गया था। इसे जनवरी में भारतीय वितर्क से खरीदा गया।
प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा :
- मेरी बात को गलत समझा गया , शायद मैंने उत्साह में ठीक से कम्युनिकेशन नहीं किया।
- मैं इस बात की जिम्मेदारी लेती हूँ कि मैंने ठीक शब्दों का चुनाव नहीं किया।
- हमने कभी भी मैन्युफैक्चरिंग का दावा नहीं किया है।
- हम इसे छात्रों को इंस्पायर करने के लिए लाए थे।
- हमें स्टॉल हटाने का कोई आधिकारिक निर्देश नहीं मिला है।
यह घटना India AI Impact Summit 2026 के बीच एक छोटी है लेकिन बड़ी शर्मिंदगी का कारण बन गई है। गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने चाइनीज प्रोडक्ट को अपना बताकर देश की विश्व्यापी बेइज्जती कराई है। वहीँ, इतना सब होने के बावजूद खुद के प्रोपगैंडा का शिकार होने का दावा कर रही है।




