Bulli Bai App केस में साइबर सेल ने तब तक 3 लोगों को किया गिरफ्तार, मुख्य आरोपी श्वेता सिंह थी कंट्रोलर

बुल्ली बाई एप केस में 21 वर्षीय में मयंक रावल को बुधवार सुबह साइबर सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले साइबर सेल ने सोमवार के दिन इंजीनियरिंग के छात्र विशाल कुमार झा को बेंगलुरु और मंगलवार के दिन 18 वर्षीय श्वेता सिंह को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया था।

अब तीन लोग अरेस्ट

Bulli Bai App आप मामले में अब तक 3 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साइबर सेल के एक अधिकारी के अनुसार मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने एक और छात्र को गिरफ्तार किया है। उनके अनुसार 21 वर्षीय में मयंक रावल को बुधवार सुबह गिरफ्तार किया गया है। साइबर सेल ने इससे पहले उत्तराखंड से ही कथित रूप से मामले की मुख्य आरोपी 18 वर्षीय श्वेता सिंह को गिरफ्तार किया था। इससे पहले 21 वर्षीय छात्र विशाल कुमार झा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था।

साइबर सेल के अनुसार आरोपी श्वेता सिंह बुल्ली बाई एप  की मुख्य कंट्रोलर में से एक है। श्वेता ऐसे ही 3 अकाउंट को कंट्रोल कर रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूछताछ में उसने बताया है कि उसके अलावा एक और व्यक्ति है जो कंट्रोलर है। पहले आरोपी मयंक बॉट्स  के जरिए कंटेंट पोस्ट करता था बाद में ओरिजिनल अकाउंट से पोस्ट करने शुरू कर दिए। इस मामले में अब तक कुल 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

मुंबई पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी कि ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म Github पर होस्ट किए बुल्ली बाई एप पर सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की छेड़छाड़ की गई तस्वीरों को डाला गया है। इन तस्वीरों को नीलामी के लिए रखा गया है।

मामले में उत्तखण्ड के डीजीपी अशोक कुमार का ब्यान

वहीँ,उत्तखण्ड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि उत्तराखंड के रुद्रपुर से जिस महिला को गिरफ्तार किया गया है।वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं ,उसका पिता भी जिंदा नहीं है। ऐसा लगता है कि वह पैसों के लिए ऐसी गतिविधियों में शामिल हुई है।

मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नागराले की प्रतिक्रिया

“बुल्ली बाई एप मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें विशाल कुमार झा और श्वेता सिंह शामिल हैं। तीसरा आरोपी श्वेता का दोस्त है। इस केस में कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं। ” मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नागराले ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा।

हमने इन लोगों को अलग-अलग जगहों से पकड़ा है और कुछ स्थानीय अधिकारीयों ने इसके बारे में जानकारी दी है। जो मुझे लगता है कि इसकी आवश्यकता नहीं थी। उन्हें मामले की विस्तृत जानकारी नहीं थी। आमतौर पर हम दूसरे राज्यों के मामलों पर बात नहीं करते।- कमिश्नर हेमंत नागराले ने एजेंसी से कहा।

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