सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर बोले न्यूज़ीलैंड के खिलाफ धोनी को सातवें नंबर पर भेजना बड़ी गलती

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा बात सिर्फ एमएस धोनी की बल्लेबाजी की नहीं है बल्कि दूसरे छोर पर युवा बल्लेबाजों पर उनके प्रभाव की भी थी। ऋषभ पंत और पंड्या खराब शॉट खेलकर आउट हुए। भारतीय टीम को उस समय अनुभव की जरूरत थी।

वर्ल्ड कप

विश्व कप 2019 के पहले सेमीफाइनल में टीम इंडिया को न्युजीलैंड (New Zealand ) के हाथों मिली करारी हार के बाद परिणाम के विश्लेषण का दौर भी शुरू हो गया है। हर विशेषज्ञ भारतीय टीम की न्यूज़ीलैंड हाथों हुई हार को लेकर अपनी राय बता रहा है।

सौरव गांगुली

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ,सचिन तेंडुलकर और वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि भारतीय टीम (Team India ) ने महेंद्र सिंह धोनी ( M S dhoni ) को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सातवें नंबर पर उतारकर भारी गलती की है। आपको बता दें ,मंगवार और बुधवार के दिन न्यूज़ीलैंड की टीम ने 239 रन बनाए थे , जिसका टीम इंडिया पीछा कर रही थी। इस मुकाबले में हार्दिक पंड्या और दिनेश कार्तिक को धोनी से पहले भेजा गया। जब भारत के 24 रन पर चार विकट गिर गए थे।

एमएस धोनी

वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि धोनी को पहले भेजा जाना चाहिए था। यह भारी तकनीकी चूक थी। एमएस धोनी को दिनेश कार्तिक( Dinesh Kartik) से पहले आना चाहिए था। साल 2011 में वः युवराज सिंह की जगह चौथे स्थान पर आए थे और वर्ल्ड कप जीत लिया था।

सौरव गांगुली

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा ,बात सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी की नहीं है बल्कि दूसरे छोर पर युवा बल्लेबाजों को भी है। ऋषभ और पंड्या गलत शॉट खेलकर आउट हुए।

उन्होंने कहा ,भारत को उस समय अनुभव की जरूरत थी। पंत के क्रीज पर रहने के समय धोनी साथ होते तो उसे हवा के विपरीत शॉट नहीं खेलने देते। इंग्लैंड में यह काफी अहम है।

सचिन तेंदुलकर ने कहा , ” सवाल यह है कि ऐसे हालात में क्या आपको अनुभव के आधार पर धोनी को ऊपर नहीं भेजना चाहिए था। आखिर में वह लगातार जडेजा से बात करता रहा। हालात उसके नियंत्रण में थे।” उन्होने कहा हार्दिक की जगह धोनी को ऊपर भेजना चाहिए था। कार्तिक को पांचवें नंबर पर भेजना समझ से परे है।

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