Jordan Brown, a US Special Services commando arrested

Jordan Brown arrested:अमेरिकी कमांडो भारत-नेपाल बॉर्डर पर गिरफ्तार

Jordan Brown को उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सोनौली में भारत-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया है। वह अनिधिकृत तरीके से नेपाल में घुसने की कोशिस कर रहा था। SSB ने उसे अरेस्ट किया।

Jordan Brown कैसे पकड़ा गया ?

  • उसने सीमा सुरक्षा बल की गिरफ्त से भागने की कोशिश की। स्थानीय ग्रामीणों ने उसे घेर कर पकड़ लिया।
  • जॉर्डन ब्राउन के पास कोई वीजा , पासपोर्ट या पहचान पत्र नहीं मिला।
  • उसके पास से 31460 रुपए नकदी और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।

अब कहाँ है Jordan Brown ?

सशस्त्र सीमा बल ने उसको सोनौली कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ठाणे में जॉर्डन के खिलाफ इमिग्रेशन और विदेशी कानून के तहत केस दर्ज किया गया। उस पर कोई जासूसी या आतंकवाद का आरोप अभी नहीं लगा है। लेकिन उसके स्पेशल फोर्सेज बैकग्राउंड के कारण भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसिया जांच कर रही हैं।

Jordan Brown कौन है ?

  • उम्र और मूल निवासी : जॉर्डन की उम्र 36 साल बताई जा रही है। वह अमेरिका के कैलिफोर्निया का निवासी है।
  • सैन्य दावा : उसने बताया की वह US Navy और स्पेशल फोर्सेज में सेवाएं दे चूका है।
  • उसने करीब दो साल पहले यूएस मिलिट्री छोड़ दी थी।
  • शिक्षा : उसने University of California में पढ़ाई का दावा किया है।
  • जॉर्डन ने अब तक 70 देशों की यात्राएं करने का दावा किया है।
  • उसने बताया कि उसका पासपोर्ट थाईलैंड में खो गया था।
Jordan Brown भारत में कैसे घुसा ?

वह नवंबर 2025 में श्रीलंका या बांग्लादेश से समुद्री रास्ते से भारत में घुसा था। वह कुछ समय गोवा में रहा। वह नेपाल में “नाज” नाम के व्यक्ति से मिलने जा रहा था। तभी सशस्त्र सीमा बल ने उसे भारत नेपाल बॉर्डर पर दबोच लिया।

अधिकारी, जॉर्डन ब्राउन के पासपोर्ट , मिलिट्री बैकग्राउंड और यात्राओं के इतिहास की पुष्टि कर रहे हैं। इस बारे में अभी तक को आधिकारिक बयान नहीं आया है। आगे की जांच जारी है। जॉर्डन के खिलाफ अवैध रूप से भारत में घुसने पर क़ानूनी करवाई होगी।

यह घटना हाल ही के महीनों में भारत में अमेरिकी नागरिकों, खासकर मिलिट्री बैकग्रॉउंड वाले वाले लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की एक श्रृंखला का हिस्सा लगती है। इससे पहले मैथ्यू वैंडाइक का मामला सामने आया था। भारत नेपाल सीमा पारगम्य है , इसलिए सुरक्षा एजेंसिया सतर्क रहती हैं।

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