जानिए रूस में बना RPGL कैसे पंजाब के मोहाली पहुंचा,जिसे अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान को दिया था, ISI से हैं लिंक

सोमवार शाम को पंजाब के मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के ख़ुफ़िया मुख्यालय के बाहर विस्फोट हुआ था। अब इस घटना के तार अब  पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI से जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है।

9 मई 2022 शाम 7:45 बजे मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलीजेन्स विभाग के हेडक्वार्टर के पास RPGL द्वारा विस्फोट किया गया था। हालांकि,शुरूआती ब्यान में पंजाब पुलिस ने इस हमले के पीछे किसी आतंकी संगठन जुड़े न होने की बात कही थी। लेकिन अब जैसे-जैसे मामले की परतें खुलती जा रही हैं वैसे ही कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे रहे हैं। गनीमत ये रही ही संदिग्ध आतंकियों द्वारा किए गए इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इस विस्फोट को कार में सवार दो व्यक्तियों ने अंजाम दिया था। जिसके बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसियां और पंजाब पुलिस अलर्ट पर है।

कहां से आया RPGL ?

मिली ख़ुफ़िया जानकारी के अनुसार, मोहाली में जो आरपीजीएल द्वारा विस्फोट किया गया था। उसके तार पाकिस्तान की ISI से जुड़े हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की सेना ने लंबे अरसे तक अफगानिस्तान में डेरा जमाए रखा था। अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान में तालिबानी लड़ाकों से लड़ रही अफगानिस्तान की सेना को रूस में बने हुए आरपीजीएल और घातक राइफलें दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के फैसले के बाद अमेरिकी सेना को अफगानिस्तान से वापस बुला लिया गया था। जिसके बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर बड़ी आसानी से कब्जा कर लिया था। अफगानिस्तान को छोड़ते हुए अमेरिकी सेना के हथियार और टैंक वहीँ रह गए थे। जिनपर तालिबान ने कब्जा कर लिया था। तालिबान द्वारा जब्त किए ये हथियार पाकिस्तान पहुंच गए।

भारत में सप्लाई

पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने इन हथियारों की सप्लाई पंजाब में आतंकी समूहों को कर दी। जिसके पीछे वजह यह रही थी कि मोहाली हमले का लिंक पाकिस्तान से न जोड़ा जाए। पंजाब के मोहाली स्थित ख़ुफ़िया विभाग के दफ्तर को RPGL द्वारा निशाना बनाना इस बात के संकेत हैं कि खालिस्तानी संगठन पंजाब में फिर से सक्रिय होने जा रहा है। जिसको पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का समर्थन मिला हुआ है।

मोहाली हमले की तस्वीरों से इस बात का पता चलता है कि हमले में RPGL का इस्तेमाल किया गया था। इस हथियार का इस्तेमाल भारतीय सेना भी नहीं करती है। भारतीय सेना के पास इसी तरह का हथियार रॉकेट लांचर गन है। जबकि RPGL का इस्तेमाल रुसी सेना करती है। बता दें , पाकिस्तान के आतंकी समूह ज्यादातर ऐके 47 राइफल का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा वे चीन में बने हुए ग्रेनेड का भी इस्तेमाल करते हैं।

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