इंडियन एयर फ़ोर्स की स्क्वाड्रन लीडर और क्रिकेटर शिखा पांडे के बारे नहीं जानते होंगे आप ये बातें

बचपन से क्रिकेट खेल रही हैं शिखा पांडे

भारतीय

इंडियन एयर फ़ोर्स की स्क्वाड्रन लीडर शिखा पांडे बचपन से ही क्रिकेट खेलती आ रही हैं। 18 साल की उम्र में जब वह इंजीनियरिंग के दूसरे साल की पढ़ाई कर रही थी तब उन्होंने गोवा और साउथ जोन के लिए क्रिकेट खेली।

शिखा पांडे गोवा और साउथ जोन की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान भी रही। जब उनको भारतीय वायुसेना में एक अफसर के रूप में चुना गया तो उनके बचपन एयर फ़ोर्स की वर्दी पहनने का सपना पूरा हुआ।

सफलतापूर्वक अपनी ट्रेनिंग खत्म करने के बाद उन्हें 30 जून 2012 को भारतीय वायुसेना के एयर ट्रैफिक कंट्रोल ऑफिसर के पद पर तैनात किया गया।

स्क्वाड्रन लीडर शिखा पांडे ने भारतीय टीम का क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट में प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने महिला क्रिकेटर के रूप में एक ऑलराउंडर की भूमिका निभाई है। शिखा पांडे ने पिछले साल 2019 में विश्व स्तर पर भी भारतीय महिला क्रिकेट टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शिखा पांडे ने साल 2014 और 2016 में बांग्लादेश और भारत में खेले गए आईसीसी टी 20 वर्ल्ड मैचों में भी एक खिलाड़ी के तौर पर अहम भूमिका निभाई है।

स्क्वाड्रन लीडर शिखा पांडे ने साल 2017 में इंग्लैंड में खेले गए महिला विश्व कप में भारतीय टीम की विकेटकीपर की भूमिका निभाई। अपनी ड्यूटी के अलावा शिखा पांडे ने क्रिकेट के मैदान में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का नाम रोशन किया है।

हाल ही में शिखा पांडे को बीसीसीआई ने साल 2019 और 2020 के लिए अपनी कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में शामिल किया है। इस साल फरवरी में ऑस्ट्रेलिया में खेले जाने वाले टी 20 वर्ल्ड कप में भी शिखा पांडे खेलेंगी।

इंडियन एयरफोर्स की स्क्वाड्रन लीडर शिखा पांडे बचपन से ही क्रिकेट खेलती आ रही हैं। 18 साल की उम्र में जब वह इंजीनियरिंग के दूसरे साल की पढ़ाई कर रही थी तब उन्होंने गोवा और साउथ जोन के लिए क्रिकेट खेली।
शिखा पांडे

भारतीय वायुसेना में उनका यह सफर गर्वपूर्ण और प्रेरणादायक है। शिखा पांडे को वास्तव में इंडियन एयर फ़ोर्स में कमीशन लेने के 2 साल बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चुना गया।

शिखा पांडे कहती हैं कि भारतीय वायुसेना ने मेरे सपनों को उड़ान दी है और वर्दी पहनना मेरे लिए गर्व की बात है।

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