Lovlina Borgohain,असम की बॉक्सर ने Asian Games 2026 में महिलाओं की 75 किग्रा श्रेणी में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
यह भारत का 12वां गोल्ड है और मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर का स्वर्ण। जन्मदिन पर ऐतिहासिक जीत।
Lovlina Borgohain ने जीता स्वर्ण पदक
लवलीना बोरगोहेन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत और जज्बे के आगे कोई मुश्किल टिक नहीं सकती। शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 के दौरान जापान के निशियो जिमनेजियम में उन्होंने महिलाओं की 75 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। यह जीत उनके 29वें जन्मदिन पर हुई, जिससे खुशी दोगुनी हो गई।
Lovlina Borgohain ने भारत को 12वां स्वर्ण पदक दिलाया
यह एशियन गेम्स में भारत का 12वां गोल्ड मेडल है। लवलीना इस जीत के साथ मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर बन गईं जिन्होंने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता है। 2014 में इंचियोन में मैरी कॉम ने फ्लाईवेट में गोल्ड जीता था। उसके बाद 12 साल से महिला बॉक्सिंग में भारत का इंतजार खत्म हुआ।
पिछले एशियन गेम्स में Lovlina Borgohain का प्रदर्शन
पिछले एशियन गेम्स में हांगझोउ में लवलीना को सिल्वर मिला था। इस बार उन्होंने उस रंग को बदल दिया। सेमीफाइनल में उन्होंने कजाकिस्तान की विश्व चैंपियन नताल्या बोगदानोवा को 3-2 के टाइट मुकाबले में हराया था। क्वार्टरफाइनल में दक्षिण कोरिया की सॉन्ग सुयेओन पर 5-0 की आसान जीत दर्ज की। फाइनल में उन्होंने शुरुआत से ही कंट्रोल रखा। सटीक जैब और अपरकट से बाओ जियी को जवाब नहीं देने दिया। चीनी बॉक्सर ने दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन लवलीना ने अपना ठंडा दिमाग बनाए रखा।
Lovlina Borgohain ने अपने जन्मदिन पर जीता गोल्ड मेडल
असम की यह मुक्केबाज पहले से ही टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता हैं। उनके पास विश्व चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप के पदक भी हैं। इस गोल्ड ने उनके करियर को और चमकदार बना दिया। उनके पिता टिकेन बोरगोहेन ने पहले ही कहा था कि जन्मदिन पर गोल्ड सबसे बड़ा तोहफा होगा। परिवार की खुशी देखकर लगता है कि पूरा असम और देश गर्व से भरा हुआ है।
भारत की टीम Asian Games 2026 में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। बॉक्सिंग में भी कई पदक आने की उम्मीद है। लवलीना की यह जीत युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है। वे हमेशा कहती हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं माननी चाहिए। आज उन्होंने खुद इस बात को मैदान पर साबित कर दिया।

