Money Ttransactions:आर्थिक नियमों में बदलाव हो चुके हैं और कुछ नियम बदले जाने वाले हैं। देशभर में कई नियम बदल रहे हैं और कई मिलने वाली सुविधाओं में बदलाव हो रहा है। जानिए इससे हमारी जेब पर क्या असर पड़ने वाला है?
साल 2021 के शुरू होने के साथ ही कई नियम और कई बदलाव लागू हुए हैं। रुपए पैसे से जुड़ी चीजों को लेकर भी कई बदलाव हुए हैं।
यूपीआई ट्रांजैक्शन में नया नियम
पहले खबर आ रही थी कि यूपीआई में ट्रांजैक्शन करने पर 1 जनवरी से ज्यादा चार्ज लगेगा। लेकिन नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि ग्राहकों को यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। दरअसल एनपीसीआई ने थर्ड पार्टी ऐप जैसे अमेज़न पे , गूगल पे , मोबिक्विक जैसे एप्स पर भुगतान पर 30 फ़ीसदी कैप लगाने का फैसला लिया था। जिसका उद्देश्य आगे चलकर इन कंपनियों की ओर से यूपीआई ट्रांजैक्शन पर, एकाधिकार की संभावनाओं को खत्म किया जा सके।
Money Ttransactions: म्यूचुअल फंड निवेश के नियम बदले
शेयर बाजार का नियम देखने वाली रेगुलेटर कंपनी सेबी ने म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर नियम बदले हैं। अब म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों को फंड का 75 फ़ीसदी हिस्सा इक्विटी में निवेश करना होगा। अभी तक यह नियम 65 फीसदी तक था। वही फंड हाउसेज को लार्ज कैप मिड कैप स्माल स्माल कैप में 25-25 फ़ीसदी निवेश करना होगा। इसके अलावा अन्य जोखिम के पैमाने रिस्कोमीटर पर वेरी हाई रिस्क का विकल्प भी जोड़ा जाएगा।
जीएसटी फाइलिंग का नियम बदला
जीएसटी फाइलिंग 5 करोड से कम टर्नओवर वाले कारोबारी तिमाही जीएसटी रिटर्न दाखिल कर सकेंगे और वह अब तक हर महीने रिटर्न दाखिल करनी होती थी। 1 जनवरी 2021 से 5 करोड रुपए से ज्यादा के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को बस अब साल भर में 4 बार जीएसटी आर 3बी रिटर्न फॉर्म भरने होंगे।
केंद्र सरकार ने क्वार्टरली फाइलिंग आफ रिटर्न विद मंथली पेमेंट योजना लागू की। है इसके तहत छोटे कारोबारियों को फायदा होगा ।वह अब एक साल में यानि 1 वित्त वर्ष में सिर्फ आठ रिटर्न भर सकते हैं। अभी तक वह 16 रिटर्न भरते आए हैं ।
Money Ttransactions: कारें महंगी होंगी
देश की बहुत सी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने पहले घोषणा कर रखी थी कि वह जनवरी से अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी करने वाली है। ऐसे में नए साल में गाड़ी खरीदने की अगर आप की योजना है को थोड़ा झटका लग सकता है। मारुति सुजुकी, फोर्ड , रैना, निशान, होंडा और स्कोडा सहित अन्य कई कंपनियों के अलावा एमजी मोटर्स ऑडी बीएमडब्ल्यू कार जैसी बड़ी कंपनियां भी अपनी गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने वाली है।
कॉन्टैक्टलेस कार्ड पेमेंट की लिमिट
कॉन्टैक्टलेस पेमेंट सिस्टम में ग्राहकों के रजिस्ट्रेशन की सीमा बढ़ा दी गई है। पहले ग्राहक 2000 रूपये तक का लेन देन कर सकते थे। अब वह 5000 का ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दिसंबर में कहा था कि मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में कांटेक्ट लेंस कार्ड लिमिट बढ़ाने का फैसला किया गया था।





