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Ayodhya Mahayagya: अयोध्या महायज्ञ में 1251 हवन कुंडों में लगी भीषण आग

Ayodhya Mahayagya Havan Kunds

Ayodhya Mahayagya Havan Kunds: अयोध्या सरयू तट पर स्थित राजघाट में श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान भीष्ण आग लग गई है। यह महायज्ञ स्वामी जियर स्वामीजी महाराज द्वारा आयोजित किया गया था। आयोजन की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह कर रहे थे। यह 9 दिवसीय महायज्ञ था और शुक्रवार के दिन समाप्त हो गया था। शनिवार को अंतिम अनुष्ठान चल रहे थे।

Ayodhya Mahayagya के 1251 हवन कुंडों में लगी आग

बांस बल्ली, घास फूंस और कपड़ों से बने भव्य पंडाल में अचानक धुंआ उठा और आग की लपटें फ़ैल गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंतिम हवन आहुति के दौरान नारियल फटने से हवा के साथ चिंगारियां उड़ने लगी। आग की लपटें फ़ैल गई। हालांकि आधिकारिक रूप से आग लगने का कारण अज्ञात बताया गया है। जांच शुरू हो गई है।

Ayodhya Mahayagya आग में जानमाल का नुकसान ?

1251 हवन कुंड पूरी तरह जलकर ख़ाक हो गए। यज्ञ स्थल पर बनाए गए सभी कुंड नष्ट हो गए। पूरा पंडाल और यज्ञ सामग्री जल गई। अनुमानित नुक्सान करोड़ों रुपए का हुआ है। राहत की बात ये है कि इस आग में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। जिस समय आग लगी उस समय स्थल पूरी तरह खाली था। कुछ रिपोर्ट में 3-4 लोगों के हल्के जलने का समाचार है। लेकिन कोई गंभीर जनहानि नहीं हुई है।

बचाव कार्य

सुचना मिलते है अग्निशमन विभाग की ६ गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने बड़ी मेहनत से आग पर काबू पा लिया है। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे,एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर मंडलायुक्त राजेश कुमार समेत स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया है।बचाव दल ने लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद की है।

आग पर सत्तारूढ़ पार्टी का ब्यान

परिवहन मंत्री दयाशंकर ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। उनके अनुसार, यज्ञ सकुशल संपन्न हो गया था। अंतिम आहुति डेढ़ घंटे पहले हो चुकी थी। आग यञशाला से करीब 700 मीटर की दुरी पर लगी। कोई जनहानि नहीं हुई है, यह हमारे लिए आशीर्वाद है। आग के कारणों की जांच चल रही है।

विपक्ष का बयान

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए प्रबंधन की कमी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने एक्स पर लिखा ,”अयोध्या में यज्ञ के बाद आग लगी सही प्रबंधन प्रशासन की कमी दर्शाती है। आशा है सब सुरक्षित होंगे। इस बात की जांच हो कि इस यज्ञ के पीछे जो आर्थिक और मानवीय स्रोत लगे थे, उनके पीछे कौन था। जनता में फैली ये बात निंदनीय है। आशा है की इस यज्ञ के नाम पर मंत्री जी संबंधित विभाग से विभागीय स्तर पर बड़ी वसूली हुई और पैसे बचाने के चक्कर में विषेशज्ञों की देखरेख के बिना आयोजन हुआ। ”

आग की अब की स्थिति

आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। यज्ञ स्थल पर काफी नुक्सान हुआ लेकिन धार्मिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक सपन्न हो गया।

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