Mona Agarwal wins two Gold Medals: एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना अग्रवाल ने 10m एयर राइफल में गेम्स रिकॉर्ड और 50m राइफल 3 पोजीशन में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ दो गोल्ड जीते।
Mona Agarwal wins two Gold Medals, बने रिकॉर्ड
मोना अग्रवाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का सिर ऊंचा कर दिया। जापान के आइची-नागोया में उन्होंने दो गोल्ड मेडल जीते और दो नए रिकॉर्ड अपने नाम किए। महिलाओं की 10m एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 में गेम्स रिकॉर्ड बना। महिलाओं की 50m राइफल 3 पोजीशन SH1 में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। यह सिर्फ मेडल की कहानी नहीं है, यह हिम्मत और धैर्य की कहानी है।
Mona Agarwal ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड मेडल
19 अक्टूबर को आइची-नागोया में मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने 10m एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। इसी जोड़ी ने भारत के लिए इन खेलों का पदक खाता खोला। मोना ने 250.0 का रिकॉर्ड स्कोर बनाया और अवनि से सिर्फ 0.4 अंक आगे रहीं। अवनि को 249.6 अंकों के साथ सिल्वर मिला, जबकि कोरिया की यूनरी ली ने ब्रॉन्ज जीता।
Mona Agarwal ने फाइनल में पीछे से की वापसी
फाइनल रोमांच से भरा था। मोना छठे स्थान से आगे बढ़ीं और आखिरी शॉट्स से ठीक पहले सिर्फ 0.1 अंक की बढ़त पर थीं। दबाव में भी उन्होंने हाथ नहीं कांपने दिया। उनका कहना था कि उन्होंने प्रक्रिया पर भरोसा रखा और खुद को शांत रखा। आखिरी शॉट में मोना ने 10.8 लगाया, जबकि अवनि 10.5 पर रुकीं।
मोना का क्वालिफिकेशन में भी नया रिकॉर्ड
गोल्ड की नींव क्वालिफिकेशन में ही रख दी गई थी। मोना ने 629.1 अंकों के साथ टॉप किया और एशियन पैरा गेम्स का नया क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। फाइनल में वे स्लोवाकिया की इरीना शचेतनिक के 252 अंकों के वर्ल्ड रिकॉर्ड से थोड़ा ही पीछे रह गईं। लेकिन असली वर्ल्ड रिकॉर्ड का मौका उन्हें अगले इवेंट में मिला।
50m राइफल 3 पोजीशन में दूसरा गोल्ड
पहले गोल्ड के बाद मोना ने कहा था कि वे 50m राइफल 3 पोजीशन में भी ग्रैंड डबल का लक्ष्य रखेंगी। उन्होंने यह बात सच कर दिखाई। महिलाओं की 50m राइफल 3 पोजीशन SH1 में उन्होंने गोल्ड जीता और वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया। इस इवेंट में खिलाड़ी घुटनों के बल, लेटकर और खड़े होकर निशाना लगाते हैं, इसलिए यह फिटनेस और एकाग्रता की कड़ी परीक्षा होती है। यह उनके लिए खास है, क्योंकि 50m में बड़ा मेडल उनका पुराना सपना रहा है।
मोना पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले गोल्ड पर मोना को बधाई दी। उन्होंने उनकी सटीकता, दृढ़ता और धैर्य की सराहना की।
मोना का संघर्ष से सफलता तक का सफर
मोना राजस्थान के जयपुर से जुड़ी हैं। वे कोच योगेश कुमार की देखरेख में ट्रेनिंग करती हैं। नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया था। मुश्किलें कम नहीं थीं, पर उन्होंने हार नहीं मानी। रिपोर्ट के मुताबिक अपने पहले अंतरराष्ट्रीय वर्ल्ड कप में उन्होंने मिक्स्ड टीम का ब्रॉन्ज जीता और चौथे वर्ल्ड कप में गोल्ड के साथ पैरालंपिक कोटा हासिल किया। इसके बाद वे पेरिस 2024 पैरालंपिक की कांस्य पदक विजेता बनीं।
अब निगाहें LA 2028 पर
इस साल वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट चैंपियनशिप में सिल्वर जीतकर मोना लॉस एंजेलिस 2028 पैरालंपिक का कोटा पक्का कर चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि वे 2028 में अपने मेडल का रंग गोल्ड करना चाहती हैं और 50m इवेंट में भी पदक जीतना चाहती हैं। नागोया की जीत इस तैयारी को और मजबूत करती है।
मोना अग्रवाल की प्रमुख उपलब्धियां
- एशियन पैरा गेम्स 2026: दो गोल्ड और दो रिकॉर्ड
- पेरिस 2024 पैरालंपिक: ब्रॉन्ज मेडल
- वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 (चांगवोन): सिल्वर और LA 2028 का कोटा
- 2024 वर्ल्ड कप: कई पदक, जिनमें गोल्ड शामिल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मोना अग्रवाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में कौन से गोल्ड जीते?
उन्होंने महिलाओं की 10m एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 और 50m राइफल 3 पोजीशन SH1 में गोल्ड जीते।
कौन से रिकॉर्ड बने?
10m एयर राइफल में एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड और 50m राइफल 3 पोजीशन में वर्ल्ड रिकॉर्ड।
SH1 क्लास क्या है?
SH1 उन निशानेबाजों की श्रेणी है जिन्हें निचले अंगों में विकलांगता है और जो अपनी राइफल खुद संभाल सकते हैं।
मोना अग्रवाल की जीत देश की उन सभी बेटियों के लिए प्रेरणा है जो मुश्किलों के आगे रुकती नहीं हैं

