Netaji Subhash Chandra Bose ने 30 दिसंबर 1943 को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के Port Blair में पहली बार तिरंगा झंडा फहराया था। यह घटना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान की है।
Netaji Subhash Chandra Bose ने 30 दिसंबर को लहराया था तिरंगा
30 दिसंबर भारत के स्वतंत्रा संग्राम के इतिहास का ऍम महत्वपूर्ण दिन है। आज से ठीक 82 साल पहले 30 दिसंबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में भारतीय तिरंगे को पहली बार मुक्त भारतीय भूमि पर फहराया था। यह घटना दूसरे विश्व युद्ध के दौरान की है। जब जापानी की सेना ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था और इन्हे आजाद हिंद फ़ौज सरकार को सौंप दिया था।
Netaji Subhash Chandra Bose और द्वितीय विश्व युद्ध
1942-43 में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना ने ब्रिटिश आर्मी से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर कब्जा कर लिया था। 21 अक्टूबर 1943 को Netaji Subhash Chandra Bose ने सिंगापूर में आजाद हिंद की अस्थाई सरकार की घोषणा की। उन्होंने खुद को इसका कमांडर इन चीफ , प्रधानमंत्री ,गृहमंत्री और विदेशमंत्री बनाया।
जापानी प्रधानमंत्री हिदेकी तोजो की घोषणा
6 नवंबर 1943 को जापानी प्रधानमंत्री Hideki Tojo ने घोषणा की कि अंडमान निकोबार द्वीप समूह को आजाद हिंद सरकार को सौंपा जाएगा। 29 दिसंबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस कर्नल डीएस राजू और आनंद मोहन सहाय आदि के साथ पोर्ट ब्लेयर पहुंचे। जापानी एडमिरल और INA अधिकारीयों ने उनका स्वागत किया। 30 दिसंबर 1943 को पोर्ट ब्लेयर के जिमखाना ग्राउंड जिसे वर्तमान में नेताजी स्टेडियम के नाम से जाना जाता है, में Netaji Subhash Chandra Bose ने भारतीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने इन द्वीपों को ब्रिटिश शासन से मुक्त भारत की पहली भूमि घोषित किया।
Netaji Subhash Chandra Bose ने द्वीपों ने नाम बदले
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंडमान का नाम शहीद द्वीप और निकोबार का स्वराज द्वीप रखा। उन्होंने इन द्वीपों के नाम शहीदों याद और स्वराज की भावना से रखे। इस दौरान नेताजी ने सेलुलर जेल का दौरा भी किया। इस जेल में कई स्वतंत्रता सेनानी कैद थे।
Netaji Subhash Chandra Bose की याद में होते हैं कार्यक्रम
हर साल 30 दिसंबर को अंडमान निकोबार द्वीप के नेताजी स्टेडियम पर इस घटना की याद में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है। यह दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साहस, बलिदान और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा’ के नारे की याद दिलाता है।
पीएम मोदी ने नेताजी को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 1943 की घटना का जिक्र करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा ,”आज ही के दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को पोर्ट ब्लेयर में साहस और पराक्रम के साथ तिरंगा फहरया था। ”

