Pincky Balhara ने Asian Games 2026 में महिलाओं की 78 किग्रा Kurash में कांस्य पदक जीता। इस प्राचीन खेल में भारत का तीसरा मेडल, देश का मेडल टेली अब 40 पर पहुंचा।
Pincky Balhara wins bronze medal in Kurash
नागोया (जापान)। एशियाई खेल 2026 के मैट पर दिल्ली की पिंकी बलहारा ने फिर से भारत का झंडा ऊंचा किया। महिलाओं की 78 किग्रा कुराश में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने न सिर्फ अपना दूसरा एशियाई खेल मेडल हासिल किया, बल्कि भारत के लिए इस प्राचीन खेल में तीसरा पदक भी सुनिश्चित कर दिया।
Pincky Balhara का मुकाबला सुमिन मो से
सोमवार को ऐची प्रीफेक्चरल मार्टियल आर्ट्स हॉल में सेमीफाइनल में पिंकी का मुकाबला दक्षिण कोरिया की सुमिन मो से हुआ। मुकाबला 0-5 से हार गईं, लेकिन क्वार्टरफाइनल में पहुंचना ही कांस्य पदक की गारंटी बन गया। पहले उन्होंने दक्षिण कोरिया की गाराम लिम को 3-0 से हराया था।
पिंकी बल्हारा ने हासिल किए चाला पॉइंट
Pincky Balhara ने क्वार्टरफाइनल में ‘चाला’ पॉइंट हासिल किया। कुराश के सेमीफाइनल में हालांकि पेनल्टी (डक्की) और योनबोश पॉइंट के कारण वे पीछे रहीं। घुटने की चोट के बावजूद उन्होंने मैट पर डटे रहने की कोशिश की। मैच के बाद भावुक पिंकी ने कहा कि विरोधी बार-बार घुटने पर वार कर रही थी, जिससे पेनल्टी लग गई।
पिंकी ने एशियन गेम्स में जीता दूसरा मेडल
कुराश क्या है ?
कुराश मध्य एशिया, खासकर उज्बेकिस्तान का हजारों साल पुराना पारंपरिक जैकेट रेसलिंग खेल है। खिलाड़ी याख्ताक नामक जैकेट और बेल्ट पहनकर खड़े होकर एक-दूसरे को गिराते हैं। स्कोरिंग में चाला, योनबोश जैसे पॉइंट्स दिए जाते हैं। यह खेल जूडो से बहुत अलग अपनी खासियत रखता है।
एशियन गेम्स में भारत का मेडल टेली
इस कांस्य से भारत का मेडल टेली 40 तक पहुंच गया है। जिसमें 4 स्वर्ण पदक , 17 रजत पदक और 19 कांस्य पदक हैं । देश इस समय मेडल टेबल में 12वें स्थान पर है। उसी दिन ईशा सिंह ने भी शूटिंग में रजत पदक जोड़ा।
पिंकी बलहारा की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि भारतीय कुराश के लिए नई उम्मीद की किरण है। दिल्ली की नेब सराय की यह बेटी साबित करती है कि पारंपरिक खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी विश्व स्तर पर मुकाबला कर सकते हैं। एशियाई खेल 2026 में भारत की मेडल यात्रा जारी है।

