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Sandip Pathak पर पाला बदलते ही लटकी गिरफ्तारी की तलवार, पंजाब पुलिस ने डाला डेरा

Sandip Pathak

Sandip Pathak हाल ही में AAP से BJP में शामिल हुए हैं। अब संदीप पाठक पर पंजाब पुलिस की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। पाठक के खिलाफ दो FIR दर्ज हुई हैं।

Sandip Pathak के खिलाफ FIR दर्ज

पंजाब पुलिस ने 2 मई 2026 को दो अलग-अलग जिलों में संदीप पाठक के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार उनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।

Sandip Pathak को गिरफ्तार करने दिल्ली पहुंची पंजाब पुलिस

पंजाब पुलिस की एक टीम संदीप पाठक के दिल्ली के पंडारा पार्क स्थित आवास पर पहुंच चुकी है। वे पुलिस के पहुंचने से पहले ही कार से अपने घर से रवाना हो गए। एफआईआर में विस्तृत आरोप अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न से संबंधित आरोपों का जिक्र है। लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

Sandip Pathak की प्रतिक्रिया

संदीप पाठक ने कहा कि उन्हें एफआईआर की जानकारी नहीं है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि पंजाब पुलिस ने उनसे संपर्क नहीं किया है। उन्होंने खुद को ईमानदार बताते हुए कहा ,”देश किसी भी पार्टी से बड़ा है। अगर मेरे जैसे व्यक्ति पर कार्रवाई होती है तो यह दर्शाता है कि वे कितने डरे हुए हैं। ” उन्होंने आगे कुछ कहने से इंकार कर दिया।

आप छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए संदीप पाठक

24 जजुलाई 2026 को संदीप पाठक के साथ आम आदमी पार्टी के 6 राज्यसभा सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। इस सांसदों के नाम राघव चड्डा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल हैं। इन्होने आप छोड़कर बीजेपी में विलय कर लिया था। पाठक आम आदमी पार्टी के पंजाब और गुजरात इंचार्ज थे। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत में पाठक का अहम रोल रहा था।

आप का आरोप

आम आदमी पार्टी ने इसे बीजेपी का “ऑपरेशन लोटस ” बताया और इन सांसदों पर दबाव/ED-CBI की कार्रवाई का आरोप लगाया। बीजेपी ने इन सांसदों का स्वागत किया। इनके जाने से AAP की राज्यसभा ताकत घटी।

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027

यह घटना 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आप सरकार और बीजेपी के बीच तीखी सियासी लड़ाई का हिस्सा लगती है। भगवंत मां सरकार ने हाल ही में विधान सभा में विश्वास मत जीता। जबकि बीजेपी इसे AAP की कमजोरी बता रही है।

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