Shubhanshu Shukla को गणतंत्र दिवस 2026 (Republic Day) के अवसर पर Ashok Chakra से नवाजा जाएगा। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ISS में जाने वाले पहले भारतीय एस्ट्रोनॉट हैं।
Shubhanshu Shukla को Ashok Chakra
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) को गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर देश के सबसे बड़े सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अधिकारी और ISRO के प्रशिक्षित अंतरिक्ष यात्री हैं। वे भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने हैं जिन्होंने अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा की है। यह मिशन Axiom 4 के तहत हुआ था। जिसमें उन्होंने पायलट की भूमिका निभाई थी।
शुभांशु शुक्ला का ISS मिशन
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर 18 दिनों तक रहकर माइक्रोग्रैविटी में कई वैज्ञानिक प्रयोग किए। इन प्रयोगों से भारत के गगणयान मिशन को महत्वपूर्ण डेटा और अनुभव मिला। जो भारत के स्वदेशी मानव उड़ान कार्यक्रम के लिए ऐतिहासिक रहा। मिशन के दौरान उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण साहस, लचीलापन और मानसिक दृढ़ता दिखाई। जिसके लिए उन्हें अशोक चक्र सम्मानित किया जा रहा है।
शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र
यह पुरस्कार उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन और राष्ट्र के लिए योगदान के लिए है। यह खबर रक्षा स्रोतों ने कन्फर्म की है। 26 जनवरी को Ashok Chakra पाने वाले Shubhanshu Shukla भारतीय वायुसेना के चौथे अधिकारी बन जाएंगे।
Ashok Chakra का महत्व
अशोक चक्र भारत सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। जो युद्ध न होने पर असाधारण बहादुरी के लिए दिया जाता है। यह मरणोपरांत या जीवित व्यक्तियों को उनकी उपलब्धियों के लिए प्रदान किया जाता है। शुभांशु शुक्ला एक्सिओम मिशन 4 के पायलट थे। यह मिशन 25 जून 2025 को शुरू हुआ था। वे विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय हैं जो अंतरिक्ष में पहुंचे। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) के पहले एस्ट्रोनॉट हैं जिन्होंने ISS का दौरा किया।
Shubhanshu Shukla को उत्तर प्रदेश सरकार करेगी सम्मानित
शुभांशु शुक्ला को उत्तर प्रदेश सरकार “उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान” से सम्मानित करेगी। उन्हें यह पुरस्कार 2026 में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाएगा।
Shubhanshu Shukla की शिक्षा और करियर
Ashok Chakra से सम्मानित किए जाने वाले ग्रुप कैप्टन Shubhanshu Shukla का जन्म 1985 में उत्तर प्रदेश ले लखनऊ में हुआ। उन्होंने अलीगढ के सिटी मोन्टेसरी स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। 1999 में कारगिल युद्ध से प्रेरित होकर NDA परीक्षा पास की और 2005 में खड़कवासला राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का सैन्य करियर
उन्होंने जून 2006 में फाइटर स्ट्रीम में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन लिया। उन्हें Su-30,MKI, Mig 21 , Mig 29 ,जगुआर और हॉक जैसे विमानों पर 2000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। वे मार्च 2024 में एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन बने। उन्होंने IISc बैंगलोर से ऐरोस्पेस इंजीनियरिंग में M.Tech किया।
Shubhanshu Shukla की अंतरिक्ष यात्रा
उन्हें 2019 में मिशन गगणयान के लिए चुना गया। उन्होंने रूस के गागरिन सेंटर से प्रशिक्षण लिया। जून 2025 में Axiom-4 मिशन के पायलट बने। वे ISS में पहुंचे और कई वैज्ञानिक प्रयोग किए।





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