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SIR Notice: महेश बाबू, राजामौली, लक्ष्मण को एसआइआर नोटिस, हैदराबाद में हलचल

SIR notice to Mahesh Babu, Rajamouli and Laxman

SIR notice to Mahesh Babu, SS Rajamouli and VVS Laxman: हैदराबाद चुनाव आयोग ने बॉलीवुड से लेकर क्रिकेट जगत समेत कई जानी-मानी हस्तियों को SIR नोटिस जारी किया है।

SIR notice to Mahesh Babu, SS Rajamouli, VVS Laxman and Others

तेलंगाना में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया ने अब हैदराबाद के बड़े-बड़े नामों को भी अपनी चपेट में ले लिया है।

सुपरस्टार महेश बाबू, मशहूर फिल्मकार एसएस राजामौली, पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल समेत कई फिल्मी सितारों, खिलाड़ियों और कारोबारियों को चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। 

किन -किन हस्तियों को मिला चुनाव आयोग का SIR notice

चुनाव आयोग द्वारा जारी सूची के मुताबिक, हैदराबाद की अलग-अलग विधानसभा सीटों से जुड़े कई जाने-माने चेहरों के नाम इस लिस्ट में शामिल हैं:

ये उपरोक्त नाम प्रमुख हैं ,जिन्हे एसआइआर नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने अन्य/आम लोगों को भी नोटिस जारी किए हैं।

SIR प्रक्रिया क्या है ? (what is the SIR process)

तेलंगाना में SIR 2026 के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और अपडेट किया जा रहा है। हाउस-टू-हाउस एन्यूमरेशन के बाद ड्राफ्ट रोल जारी हुआ। जिनके विवरण में गड़बड़ी या मैपिंग नहीं मिली, उन्हें नोटिस भेजे गए। सुनवाई में दस्तावेज पेश करने होते हैं। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाई गई है।

आखिर नोटिस की वजह क्या है ?

चुनाव आयोग के दस्तावेजों में इन नोटिसों के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण बताए गए हैं:

  1. नाम में गड़बड़ी (सेल्फ नेम मिसमैच)
  2. पिता या अभिभावक के नाम में अंतर (पैरेंट नेम मिसमैच)
  3. पिछली SIR प्रक्रिया के रिकॉर्ड से मतदाता का नाम न जुड़ पाना (अनमैप्ड विद लास्ट SIR)।

यह किसी तरह की आपराधिक या कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि मतदाता सूची के डेटा को दुरुस्त करने की एक तकनीकी प्रक्रिया है। अधिकारियों के मुताबिक इन हस्तियों पर किसी तरह का कोई आरोप नहीं है। असली सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने जाने-पहचाने नामों के दस्तावेज़ पहले चरण में ठीक से क्यों मैच नहीं हो पाए।

एसआइआर का करीब 72 लाख लोगों पर पड़ा असर

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग द्वारा तेलंगाना में मतदाता सूची के पुनर्सत्यापन के दौरान करीब 72 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में बदलाव या पुनरीक्षण की जरूरत सामने आई थी।

बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (AERO) की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि कई मतदाताओं का कहना है कि वे पहले ही अपने जरूरी दस्तावेज जमा कर चुके थे। इसके बावजूद उन्हें दोबारा नोटिस भेजा गया।

कुकटपल्ली और मूसापेट जैसे इलाकों से भी दस्तावेजों के गलत डिजिटाइजेशन और मैपिंग को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। कुछ मामलों में तो सुनवाई की तारीख निकल जाने के बाद भी वोटरों को नोटिस मिलने की बात कही जा रही है। जिससे प्रक्रिया की समयबद्धता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

नोटिस मिलने पर क्या करें ?

जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उन्हें तय समय-सीमा के भीतर संबंधित दस्तावेज या स्पष्टीकरण संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करना होगा। इसके बाद ही आयोग यह तय करेगा कि उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में बरकरार रहेगा या नहीं। चूंकि इस सूची में शहर के कई जाने-माने चेहरे शामिल हैं। इसलिए आने वाले दिनों में इस मामले पर और अपडेट सामने आने की उम्मीद है।

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