Sonam Wangchuk NSA revoked: केंद्र सरकार ने पर्यावरण एक्टिविस्ट और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के खिलाफ लगा NSA हटाकर तुरंत रिहाई का आदेश दिया है।
Sonam Wangchuk NSA: तुरंत रिहाई का आदेश
पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर लगे NSA को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। जिसके बाद उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल से रिहा करने के आदेश दे दिए गए हैं। वे करीब 170 दिन जेल में रहे। वांगचुक 26 सितंबर 2025 से जेल में बंद थे।
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और जेल
इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे। जिसके लिए सोनम वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा। प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए सोनम वांगचुक को NSA के तहत गिरफ्तार कर लिया था।
NSA क्या है ? जिसके तहत सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया गया
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम सरकार को बिना किसी मुकदमें के 12 महीने तक किसी को गिरफ्तार कर हिरासत में रखने की शक्ति देता है। यह देश की सुरक्षा या सार्वजनिक खतरे को देखते हुए लगाया जाता है। वांगचुक ने इसकी आधी अवधि यानि 6 महीने पुरे कर लिए थे।
सोनम वांगचुक की रिहाई का कारण
गृह मंत्रालय ने लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास बहाल करने के लिए यह कदम उठाया है। ताकि हितधारकों से रचनात्मक बातचीत हो सके। हाई-पावर्ड कमिटी के माध्यम से लद्दाख की मांगों पर चर्चा जारी रहेगी।
सोनम वांगचुक की पत्नी का रिहाई में रोल
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षिकरण (Habeas Corpus) याचिका दायर की थी। जो सुनवाई के बीच में स्थगित हो गई थी। अदालत ने वांगचुक के भाषणों के प्रतिलिप (transcript)पर सवाल उठाए थे। लेकिन स्वास्थ्य के आधार पर सरकार रिहाई के लिए मना कर दिया था। सोनम वांगचुक की रिहाई का यह फैसला याचिका लंबित रहने के बिच आया है।

