Squadron Leader Bhawana Kanth female pilot: भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ बनीं पहली महिला फाइटर पायलट, जिन्होंने पूरा किया प्रतिष्ठित Fighter Combat Leader (FCL) कोर्स।
Squadron Leader Bhawana Kanth: Fighter Combat Leader
भारतीय वायुसेना में एक और कांच की छत टूटी है। स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ (Bhawana Kanth) ने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) में चलने वाले कठिन Fighter Combat Leader (FCL) कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रच दिया है। वह इस कोर्स को पूरा करने वाली भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। यह उपलब्धि अगस्त 2026 में सामने आई है और इसे भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी का एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
Squadron Leader Bhawana Kanth ने किया टॉप गन कोर्स
FCL कोर्स को भारतीय वायुसेना का ‘टॉप गन’ कार्यक्रम कहा जाता है। अमेरिकी नौसेना के प्रसिद्ध Strike Fighter Tactics Instructor कार्यक्रम की तरह यह कोर्स भी बेहद चुनिंदा और चुनौतीपूर्ण है। लगभग 20 सप्ताह लंबे इस कार्यक्रम में सिर्फ चुने हुए पायलटों को ही जगह मिलती है।
अनुमान है कि कुल फाइटर पायलटों में से महज एक प्रतिशत ही इस कोर्स के लिए चुने जाते हैं। इसमें एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड ऑपरेशंस, उन्नत कॉम्बैट टैक्टिक्स, मिशन प्लानिंग, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और जटिल युद्ध स्थितियों में नेतृत्व जैसी बातें सिखाई जाती हैं। कोर्स पूरा करने वाले पायलट अपनी यूनिट में लौटकर कॉम्बैट रणनीति विकसित करने और फ्रंटलाइन मिशनों का नेतृत्व करने के विशेषज्ञ बन जाते हैं।
भावना कंठ का सफर: बिहार से आसमान तक
भावना कंठ का जन्म बिहार के दरभंगा में हुआ था। उन्होंने बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप के डीएवी पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की और बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। कुछ समय टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में काम करने के बाद उन्होंने वायुसेना जॉइन करने का फैसला लिया।
भारतीय वायुसेना की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों
जून 2016 में वे अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायुसेना की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों में शामिल हुईं। उस समय सरकार ने फाइटर स्ट्रीम को महिलाओं के लिए प्रयोगात्मक आधार पर खोला था। मार्च 2018 में उन्होंने मिग-21 बाइसन पर सolo फ्लाइट भरी। मई 2019 में वे मिग-21 बाइसन पर दिन के समय कॉम्बैट मिशन के लिए योग्य होने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनीं। बाद में वे सु-30 एमकेआई जैसे अत्याधुनिक मल्टी-रोल फाइटर जेट पर उड़ान भरने लगीं।
2021 में वे गणतंत्र दिवस परेड के वायुसेना टेबल्यू में शामिल होने वाली पहली महिला फाइटर पायलट भी रहीं। 2020 में उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अब FCL कोर्स पूरा करके उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।
क्यों खास है यह उपलब्धि?
महिलाओं को फाइटर स्ट्रीम में शामिल किए हुए लगभग एक दशक बीत चुका है। इस दौरान कई महिला पायलटों ने अलग-अलग मोर्चों पर इतिहास रचा है। स्क्वाड्रन लीडर शिवंगी सिंह ने क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर का बैज हासिल किया, तो स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने कैटेगरी-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर की योग्यता प्राप्त की। भावना कंठ का FCL कोर्स पूरा करना इन सबके बीच एक और मजबूत कदम है।
TACDE सिर्फ प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना की लड़ाकू सिद्धांत विकसित करने वाली प्रमुख संस्था है। यहां नए विमानों, रडार और हथियार प्रणालियों का मूल्यांकन भी होता है। FCL कोर्स पूरा करने के बाद भावना कंठ अब अपनी यूनिट में वापस जाकर उन्नत कॉम्बैट टैक्टिक्स और मिशन लीडरशिप में विशेषज्ञ के रूप में योगदान देंगी।
यह खबर सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि की नहीं है। यह उन हजारों युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो आसमान छूने का सपना देखते हैं। भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका दिखाती है कि मेहनत, लगन और मौका मिलने पर कोई भी सीमा पार की जा सकती है।
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ का यह सफर जारी है। मिग-21 से सु-30 एमकेआई और अब FCL जैसे कठिन कोर्स तक पहुंचकर उन्होंने साबित कर दिया है कि आसमान में लिंग की कोई बाधा नहीं होती। भारतीय वायुसेना और देश दोनों के लिए यह गर्व का क्षण है।

