Tirthak Pegu ने 200m बटरफ्लाई स्पर्धा में जीता कांस्य पदक

तीर्थक पेगु ने 200m बटरफ्लाई स्पर्धा में जीता कांस्य पदक, वैश्विक स्तर पर भारत के पहले तैराक बनें

Tirthak Pegu यूथ ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तैराक बने। डकार में 200 मीटर बटरफ्लाई का कांस्य, पूरी कहानी विस्तार से पढ़ें।

Tirthak Pegu ने 200m butterfly में जीता कांस्य पदक, रचा इतिहास

डकार, 6 नवंबर। भारतीय तैराकी के लिए शुक्रवार का दिन याद रखने लायक रहा। असम के तीर्थंक पेगु ने डकार 2026 यूथ ओलंपिक गेम्स में पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई में कांस्य पदक जीता। इसके साथ वे यूथ ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तैराक बन गए। उन्होंने फाइनल में 2:01.25 का समय निकाला और तीसरे स्थान पर रहे।

Tirthak Pegu का डकार में फाइनल मैच कैसा रहा ?

इस रेस में मिस्र के जैन अली ने 1:57.88 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। वियतनाम के दुओंग वान होआंग क्वी 2:00.32 के साथ दूसरे नंबर पर रहे। तीर्थंक इन दोनों के पीछे थे, लेकिन पोडियम पर जगह बनाने के लिए उनकी रफ्तार काफी थी।

फाइनल तक का रास्ता भी अच्छा रहा। हीट्स में वे 2:05.30 के समय के साथ सभी तैराकों में पहले स्थान पर रहे। यानी फाइनल में वे मजबूत दावेदार की तरह उतरे थे।

पेगु ने 100 मीटर की चूक का दिया जवाब

इस पदक की अहमियत इसलिए और बढ़ जाती है कि कुछ दिन पहले ही तीर्थंक के हाथ से एक मौका निकल गया था। 100 मीटर बटरफ्लाई में वे 54.98 सेकंड के साथ चौथे नंबर पर रहे और कांस्य से सिर्फ 0.27 सेकंड पीछे रह गए। तैराकी में इतना फासला पलक झपकने जैसा होता है। उस निराशा के बाद 200 मीटर में पदक लाना बताता है कि वे दबाव में बिखरने वाले खिलाड़ियों में से नहीं हैं।

यूथ ओलंपिक गेम्स: 1 दिन में 2 पदक

उसी दिन भारत को तैराकी में एक और पदक मिला। धिनिधि देसिंघु ने महिलाओं की 200 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य जीता और वे यूथ ओलंपिक में भारत के लिए दो पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। इससे पहले 2 नवंबर को उन्होंने 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कांस्य जीतकर यूथ ओलंपिक में भारत को तैराकी का पहला पदक दिलाया था। तीर्थंक का पदक इसी कड़ी में भारत का छठा पदक बना।

तीर्थक पेगु कौन हैं ?

तीर्थंक असम के तैराक हैं और पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अहमदाबाद में हुई 51वीं जूनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने 200 मीटर बटरफ्लाई में 2:03.22 के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण जीता था। उसके बाद बहरीन में हुए एशियन यूथ गेम्स में उन्होंने इसी स्पर्धा में रजत जीता। वहां उनका समय 2:02.56 रहा। एशियन यूथ गेम्स डकार के लिए क्वालिफिकेशन का रास्ता भी थे।

ओलंपिक डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन से लौटकर तीर्थंक ने कहा था कि वे अपने पिता का सपना पूरा करना चाहते हैं। डकार का यह कांस्य उस सपने की तरफ बड़ा कदम है।

पेगु के बारे में कोच की राय 

पूर्व भारतीय तैराक संदीप सेजवाल ने इस जीत की तारीफ की है। उनका मानना है कि तीर्थंक में स्वर्ण या रजत तक पहुंचने की क्षमता थी। उन्होंने यह भी कहा कि तीर्थंक का चयन होते ही कोचिंग टीम ने तैयारी शुरू कर दी थी। यह सफलता एक दिन की नहीं, महीनों की मेहनत का नतीजा है।

तीर्थंक की उम्र अभी कम है और उनका बटरफ्लाई में सुधार सीधे दिख रहा है। एशियन यूथ गेम्स के रजत से यूथ ओलंपिक के कांस्य तक उनका समय लगातार बेहतर हुआ है। भारत में 200 मीटर बटरफ्लाई की परंपरा सजन प्रकाश जैसे नामों से जुड़ी रही है, और अब उस सूची में एक नया उभरता चेहरा है। सीनियर स्तर पर पहुंचने के बाद तीर्थंक क्या करते हैं, इस पर भारतीय तैराकी के प्रशंसकों की नजर रहेगी।

फिलहाल देश के लिए पल खुशी का है। एक बच्चा असम से निकलकर डकार के पोडियम तक पहुंचा, और भारतीय तैराकी को यूथ ओलंपिक में पहली बार पुरुष वर्ग का पदक मिला।

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