Vijaypat Singhania passes away at the age of 87

Vijaypat Singhania : रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 की उम्र में निधन

Vijaypat Singhania passes away: रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण से सम्मानित मशहूर उद्योगपति विजयपत सिंघानिया का 87 साल की उम्र में निधन हो गया है।

विपयपत सिंघानिया का जन्म और निधन

रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का जन्म 4 अक्टूबर 1938 को हुआ था। 28 मार्च 2026 को उनका निधन हो गया। उन्होंने अपने आवास पर शांतिपूर्ण अंतिम साँस ली। उनके बेटे और वर्तमान में रेमंड के चैरान-मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया ने पिता के निधन की जानकारी एक्स पर दी। रेमंड के प्रवक्ता ने भी आधिकारिक ब्यान जारी कर इस बात की पुष्टि की है।

Vijaypat Singhania का संक्षिप्त परिचय

विजयपत सिंहानिया परिवार के प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने 1980 से 2000 तक रेमंड ग्रुप की कमान संभाली। सिंघानिया ने इसे भारत का प्रमुख सूटिंग फैब्रिक ब्रांड बनाया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने टेक्सटाइल के अलावा स्टील्स, डेनिम, इंडस्ट्रियल फाइल्स और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया। बाद में उन्होंने चेयरमैन एमिरेट्स का पद संभाला। वे 2017 में कंपनी से अलग हो गए थे।  वे एक प्रसिद्ध एविएटर भी थे। उन्होंने 67 वर्ष की उम्र में 2005 में हॉट एयर बैलून 69000 फ़ीट यानि लगभग 21 किलोमीटर की ऊंचाई का विश्व रिकॉर्ड बनाया।

Vijaypat Singhania के अवॉर्ड्स

पूर्व रेमंड प्रमुख ने 1988 में माइक्रोलाइट विमान से लंदन से दिल्ली की 23 दिन की उड़ान भरी। उन्होंने 1994 की एयर रेस में गोल्ड मेडल जीता। उन्हें 1994 में ऑनरेरी एयर कमाडोर की उपाधि मिली। विजयपत सिंघानिया को 2001 में तेन जिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 2006 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। विजयपत ने कई किताबें भी लिखी।

विजयपत सिंघानिया की टोटल नेट वर्थ

Vijaypat Singhania passes away at the age of 87विजयपत सिंघानिया ने 2015 में रेमंड ग्रुप में अपनी 37.17 %, लगभग 1000 की हिस्सेदारी बेटे गौतम सिंघानिया को ट्रांसफर कर दी थी। कुछ रिपोर्ट में उनकी टोटल नेट वर्थ को 11600 करोड़ सेअधिक बताया गया है। वे कुछ समय के लिए मुकेश अंबानी और गौतम अडानी से भी आगे चले गए थे। लेकिन उनका पारवारिक विवाद और शेयर ट्रांसफर के बाद उनकी संपत्ति कम हो गई थी। वे मुंबई के ग्रैंड पैराडी सोसाइटी में किराय का फ़्लैट लेकर रह रहे थे। उनका जेके हाउस (मालबार हिल्स) की संपत्ति को लेकर बेटे गौतम के साथ लंबा क़ानूनी विवाद चला। वह अपने पीछे कुल 12000 करोड़ की संपत्ति छोड़कर गए हैं।

विजयपत सिंघानिया का परिवार

उनकी पत्नी का नाम आशा देवी सिंघानिया था। उनके बड़े बेटे मधुपति सिंघानिया 1998 में परिवार से अलग होकर सिंगापूर चले गए थे। उनके पिता विजयपत से संबंध तनावपूर्ण रहे। उनके छोटे बेटे गौतम सिंघानिया वर्तमान में रेमंड ग्रुप के चैयरमैन हैं। बेटी शेफाली सिंघानिया एबी कलर प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर हैं। उनके 6 पौते पोतियां हैं।

उन्हें एक सफल उद्योगपति, साहसी पायलट और दानवीर के रूप में याद किया जाएगा। उनके निधन से उद्योग जगत में शोक की लहर है।

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