6 spies arrested from Kaushambi

Kaushambi News : 6 जासूस गिरफ्तार, पाकिस्तान को भेज रहे थे खुफिया जानकारियां

Kaushambi: गाजियाबाद पुलिस ने कौशांबी थाना क्षेत्र से 6 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये पाकिस्तानी हैंडलर्स को संवेदनशील स्थानों के वीडियो और फोटो भेज रहे थे। ये लोग रेलवे स्टेशनों, सुरक्षाबलों के ठिकानों और खुफिया ठिकानों की जानकारियां साझा कर रहे थे।

Kaushambi से पकड़े गए छह पाकिस्तानी जासूस

गाजियाबद पुलिस ने जिन छह आरोपियों की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है , उनके नाम इस प्रकार हैं। :

  • सुहेल मलिक : मेरठ के परतापुर का रहने वाला है। उसे रोमियो के नाम से भी बुलाया जाता है।
  • साने इरम उर्फ़ महक : एकमात्र आरोपी महिला, संभल निवासी, पत्नी मोहम्मद फैजान
  • परवीन : भोवापुर, कौशंबी निवासी
  • राज
  • शिवा
  • रितिक

आरोपियों की गिरफ्तारी

आरोपियों को 14 मार्च 2026 को भोवापुर तिराहा और आनंद विहार बॉर्डर के पास गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के मोबाइल में पाकिस्तानी नंबरों पर भेजे गए वीडियो और फोटो मिले हैं। इसके अलावा बातचीत के सबूत भी मिले हैं। दिल्ली एनसीआर के सैन्य ठिकानों और लाइव स्त्रीमिंग के वीडियो सबूत मिले हैं। ज्यादातर आरोपी साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों के कर्मचारी हैं।

पुलिस ने मामला दर्ज किया गाजियाबाद पुलिस ने आधिकारिक गोपनीयता समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। आरोपियों के मोबाइल जब्त कर फोरेंसिक लैब भेज दिए गए हैं। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। विदेशी फंडिंग की भी जाँच की जा रही है।

मोबाइल फोन से क्या मिला ?

इन जासूसों ने मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर के रेलवे स्टेशनों, सैन्य छावनियों, सुरक्षाबलों के मुख्यालयों के फोटो/वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजे हैं। उनके मोबाइल से 50 से अधिक वीडियो और फोटो बरामद हुए हैं। जिसमें IP सोलर कैमरों से लाइव स्ट्रीमिंग भी शामिल है।

आरोपियों पाकिस्तान भेजी ये जानकारियां

आरोपियों ने आनंद विहार, दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली कैंटोनमेंट , सुरक्षा बलों के मुख्यालय,सुरक्षाबलों के ठिकाने समेत संवेदनशील ठिकानों के फोटो और वीडियो भेजे। आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर की डिमांड पर लोकेशन पर जाकर वीडियो बनाते थे और व्हाट्सएप के जरिए भेजते थे। उन्हें प्रत्येक वीडियो और फोटो के 8-10 हजार रुपए मिलते थे। ये लोग दिल्ली में सोलर आईपी कैमरे लगाकर लाइव फीडिंग करते थे। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top