Kolkata High Court की तरफ से शमी को बड़ा झटका, हसीन जहां की चांदी

Kolkata High Court: मोहम्मद शमी हर माह पत्नी को देंगे 4 लाख रुपए जीवन भत्ता

Kolkata High Court: भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद ने हाल ही में एक नया मोड़ लिया है।

मोहम्मद शमी और हसीन जहां मामले पर Kolkata High Court का फैसला

कोलकाता हाईकोर्ट (Kolkata High Court ) ने 1 जुलाई 2025 को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। जिसमें शमी को अपनी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां और उनकी बेटी आयरा के लिए मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया है।

इस फैसले के तहत शमी को हर महीने कुल 4 लाख रुपये देने होंगे।  जिसमें 1.5 लाख रुपये हसीन जहां के व्यक्तिगत खर्चों के लिए और 2.5 लाख रुपये उनकी बेटी आयरा के रखरखाव के लिए होंगे। यह राशि पिछले सात वर्षों से लागू होगी।  जिसके चलते शमी को एकमुश्त बड़ी राशि का भुगतान भी करना पड़ सकता है।

मोहम्मद शमी और हसीन जहां की शादी से लेकर तलाक, तक कब क्या  हुआ ?

मोहम्मद शमी और हसीन जहां की शादी 6 जून 2014 को हुई थी और उनकी बेटी आयरा का जन्म 17 जुलाई 2015 को हुआ। दोनों का रिश्ता शुरू में प्रेम विवाह के रूप में चर्चा में रहा, लेकिन 2018 में हसीन जहां ने शमी पर घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, व्यभिचार, और यहां तक कि मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए।

हसीन ने कोलकाता के जाधवपुर पुलिस स्टेशन में शमी के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी।  जिसके बाद यह मामला सार्वजनिक हो गया।

हसीन जहां ने शमी पर न केवल शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए  बल्कि यह भी दावा किया कि शमी ने उन्हें मॉडलिंग और एक्टिंग का करियर छोड़ने के लिए मजबूर किया। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई।

इसके अलावा, हसीन ने शमी पर अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध रखने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। हालांकि, बीसीसीआई ने शमी पर लगे मैच फिक्सिंग के आरोपों की जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।

कोलकाता हाई कोर्ट का फैसला

2018 में शुरू हुए इस विवाद के बाद हसीन जहां ने गुजारा भत्ते की मांग को लेकर Kolkata High Court का रुख किया। शुरुआत में, 2023 में निचली अदालत ने शमी को हसीन को 50,000 रुपये और उनकी बेटी आयरा को 80,000 रुपये प्रति माह देने का आदेश दिया था। हालांकि, हसीन ने इस फैसले को चुनौती देते हुए कोलकाता हाईकोर्ट में अपील की, जिसमें उन्होंने 10 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ते की मांग की थी।

1.5 लाख रुपये हसीन के लिए और 2.5 लाख रुपये बेटी आयरा के लिए

1 जुलाई 2025 को कोलकाता हाईकोर्ट (Kolkata High Court ) के जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी की बेंच ने हसीन की याचिका पर सुनवाई करते हुए नया फैसला सुनाया।

कोर्ट ने शमी को हर महीने 4 लाख रुपये देने का आदेश दिया। जिसमें से 1.5 लाख रुपये हसीन के लिए और 2.5 लाख रुपये आयरा के लिए हैं।

यह राशि सात साल पहले से लागू होगी, जिसके चलते शमी को पिछले वर्षों का बकाया भी चुकाना पड़ सकता है। कोर्ट ने यह फैसला ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण’ अधिनियम के तहत लिया, और निचली अदालत को छह महीने के भीतर मामले का अंतिम निपटारा करने का निर्देश भी दिया।

हसीन जहां का बयान

हसीन जहां ने कोलकाता हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे न्याय की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि शादी से पहले वह मॉडलिंग और एक्टिंग में सक्रिय थीं, लेकिन शमी ने उन्हें यह सब छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

हसीन जहां ने यह भी आरोप लगाया कि शमी ने उनकी और उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की है और यह गुजारा भत्ता उनके और उनकी बेटी के भविष्य की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

उन्होंने कहा, “मैं शमी से प्यार करती थी इसलिए मैंने उनके हर फैसले को स्वीकार किया लेकिन अब जब मैं कमाई नहीं कर रही हूं तो मेरी और मेरी बेटी की जिम्मेदारी उनकी है।”

मोहम्मद शमी की इस समय हालिया स्थिति

मोहम्मद शमी ने इस मामले पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। वह भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में से एक हैं और 2023 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। हालांकि, हाल के दिनों में उनकी फिटनेस और फॉर्म को लेकर कुछ सवाल उठे हैं और वह आईपीएल 2025 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए।

हसीन जहां से अब भी प्यार करते हैं शमी ?

इसके बावजूद, शमी ने अपने निजी जीवन में हसीन के नाम को पूरी तरह से हटाने से परहेज किया है। उदाहरण के लिए, उनके अमरोहा स्थित 150 बीघा के फार्महाउस का नाम अब भी ‘हसीन’ है, जिसे उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर रखा था। यह बात कुछ लोगों को यह सोचने पर मजबूर करती है कि शमी के मन में अब भी हसीन के लिए कुछ भावनाएं हो सकती हैं।

कोलकाता हाईकोर्ट का यह फैसला मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक और व्यक्तिगत दृष्टिकोण से भी चर्चा में है।

हसीन जहां इसे अपने और अपनी बेटी के लिए न्याय के रूप में देख रही हैं।  वहीं कुछ लोग इसे शमी के लिए एक बड़ा झटका मानते हैं। यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि निचली अदालत को छह महीने में अंतिम फैसला सुनाना है। तब तक यह विवाद सुर्खियों में बना रहेगा।

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