Mundra Port News: 2021 का मुंद्रा पोर्ट ड्रग केस भारत के सबसे बड़े जब्ती मामलों में से एक है। अब केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है।
Mundra Port ड्रग मामला
सिटंबर 2021 में गुजरात में गौतम अडानी के मुंद्रा पोर्ट पर राजस्व ख़ुफ़िया निदेशालय (DRI) ने दो कंटेनरों से लगभग 2988 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। यह दुनिया के सबसे बड़े हीरोइन जब्ती मामलों में से के है। जिसकी अनुमानित कीमत 21000 करोड़ रूप बताई गई। ड्रग को अर्धसंसाधित टेल्क पत्थर (Semi-processed talc stones) के नाम से छिपाकर ईरान के बदर अब्बास पोर्ट वाया भारत लाया गया था। हेरोइन प्लास्टिक पाइप्स में छिपी हुई थी, जिन्हे बांस जैसा रंग दिया गया था।
Mundra Port ड्रग मामले में हरप्रीत सिंह तलवार की भूमिका
हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ़ कबीर तलवार दिल्ली का एक बड़ा कारोबारी है। वो पॉपूलर्स नाइट क्लब्स और पब्स का मालिक है। राष्टीय जांच एजेंसी NIA के अनुसार वह इस नेटवर्क का भारतीय साइड का बड़ा किंगपिन है। उसने फर्जी कंपनियों के जरिए आयात हैंडल किया। ड्रग को दिल्ली आधारित अफगान नेटवर्क तक पहुंचाया। तलवार ने ही दिल्ली, हरियाणा और पंजाब आदि राज्यों में ड्रग का डिस्ट्रीब्यूशन करने में मदद की और मनी ट्रांसफर में भूमिका निभाई।
Mundra Port ड्रग मामले में ED की बड़ी कार्रवाई
- NIA अक्टूबर 2021 में ये केस अपने हाथों में लिया।
- जाँच एजेंसी ने अगस्त 2022 में दिल्ली गुजरात, पश्चिमी बंगाल और पंजाब समेत देश भर में 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी ने हरप्रीत सिंह तलवार अरु प्रिंस शर्मा को गिरफ्तार किया।
- ED ने शुरुआत में PMLA के तहत केस दर्ज किया और फाइनेंशियल नेटवर्क की जांच शुरू की।
- इस मामले में अफगान नागरिक समेत कई अन्य लोगों की गिरफ्तारियां हुईं।
- एनआईए ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
- ED मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और फाइनेंशियल ट्रेल की पड़ताल कर रही है।
हरप्रीत सिंह तलवार के खिलाफ SC की करवाई
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने हरप्रीत तलवार की जमानत याचिका खारिज कर दी थी लेकिन LeT टेरर फंडिंग के आरोप को “premature and speculative” बताया। जमानत के लिए 6 महीने बाद दोबारा अप्रोच करने की छूट दी गई। ट्रायल को तेज करने के निर्देश दिए गए। तलवार NDPS Act, UAPA आदि धाराओं में आरोपी है और लंबे समय से हिरासत में है।
यह केस अफगानिस्तान-ईरान-भारत maritime रूट से ड्रग्स तस्करी, फेक इंपोर्ट कंपनियों और पोटेंशियल टेरर फाइनेंसिंग को उजागर करता है। जांच एजेंसियां फाइनेंशियल नेटवर्क अन्य शिपमेंट्स और अंतरराष्ट्रीय लिंक्स की जांच कर रही हैं।





