ICC Hall of Fame 2026:सौरव गांगुली, अंजुम चोपड़ा और केविन पीटरसन को ICC हॉल ऑफ फ़ेम में ‘क्लास ऑफ़ 2026’ के रूप में शामिल किया गया है।
ICC Hall of Fame 2026 में शामिल हुए ये क्रिकेटर
11 जुलाई 2026 को आई, जब ICC ने एडिनबर्ग (स्कॉटलैंड) में एक भव्य समारोह के दौरान इन तीन दिग्गज खिलाड़ियों को आधिकारिक रूप से इंडक्ट किया। यह ICC क्रिकेट हॉल ऑफ फ़ेम का नया बैच है, जिसमें कुल सदस्यों की संख्या अब 125 हो गई है। पुरुष श्रेणी में सौरव गांगुली और केविन पीटरसन, जबकि महिला श्रेणी में अंजुम चोपड़ा ( sole woman inductee) शामिल हैं।
ICC Hall of Fame 2026 समारोह
- ICC की आधिकारिक मीडिया रिलीज़ के अनुसार, यह तीनों क्रिकेट के सबसे iconic व्यक्तियों को सम्मानित करने का अवसर था
- समारोह एडिनबर्ग में हुआ, जहाँ इन खिलाड़ियों के करियर की उपलब्धियों को सराहा गया।
ICC Hall of Fame 2026 में शामिल हुए Sourav Ganguly
- उपनाम: “Captain Courageous” या “दादा”।
- करियर: 1992-2008 (ODI/T20), 1996-2008 (टेस्ट)।
- मुख्य उपलब्धियाँ: 18,575 अंतरराष्ट्रीय रन, 113 टेस्ट और 311 ODI मैच। उन्होंने भारत की क्रिकेट टीम को आक्रामक कप्तानी से नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। 2003 विश्व कप फाइनल में रन बनाने सहित कई यादगार प्रदर्शन।
- ICC उन्हें एक चैंपियन बल्लेबाज और fearless लीडर के रूप में वर्णित करता है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को transform किया।
Anjum Chopra ICC Hall of Fame 2026 में शामिल हुईं
- करियर: 1995-2012 (महिला क्रिकेट)
- मुख्य उपलब्धियाँ: भारत की महिला टीम की पूर्व कप्तान। वे भारत की पहली महिला खिलाड़ी थीं जिन्होंने 100 ODI मैच खेले। इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ जीत में नेतृत्व किया।
- वे भारतीय महिला क्रिकेट की pioneer हैं — dependable, tactical और women’s cricket को आगे बढ़ाने वाली प्रमुख हस्ती। ICC हॉल ऑफ फ़ेम में अब 16 महिलाएं शामिल हो चुकी हैं।
केविन पीटरसन (इंग्लैंड)
- उपनाम: “The ultimate rockstar”
- करियर: 2004-2014 (टेस्ट), 2004-2013 (ODI)
- मुख्य उपलब्धियाँ: 23 टेस्ट शतक, आक्रामक और extravagant बल्लेबाजी। कई Ashes सीरीज़ जीत और 2010 T20 विश्व कप खिताब में महत्वपूर्ण भूमिका।
- ICC उन्हें attacking, winner और modern cricket के style को redefine करने वाला खिलाड़ी मानता है।
ICC Hall of Fame का महत्व
यह इंडक्शन क्रिकेट इतिहास में इन खिलाड़ियों के योगदान को स्थायी रूप से मान्यता देता है। गांगुली और चोपड़ा भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का विषय हैं। जबकि पीटरसन ने इंग्लैंड के लिए यादगार प्रदर्शन दिए। हॉल ऑफ फ़ेम खिलाड़ियों को उनके रिटायरमेंट के बाद सम्मानित करता है।





