Admiral Arun Prakash receives notice ECI under SIR

Admiral Arun Prakash: पूर्व नेवी चीफ अरुण प्रकाश को ECI ने SIR के तहत नोटिस भेजा

Admiral Arun Prakash: भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश को चुनाव आयोग ने SIR के तहत नोटिस भेजा है। पूर्व नेवल चीफ को अपनी नागरिकता सिद्ध करनी होगी।

Admiral Arun Prakash को ECI का नोटिस

भारतीय नौसेना के पूर्व चीफ रहे एडमिरल अरुण प्रकाश को भारतीय चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस मिला है। जिसके तहत पूर्व चीफ ऑफ़ नेवल स्टाफ को अपनी पत्नी के साथ चुनाव आयोग के दफ्तर में हाजिर होकर अपनी नागरिकता साबित करनी होगी। उन्हें यह साबित करना होगा कि वे भारतीय हैं या नहीं। एडमिरल अरुण प्रकाश 1971 के युद्ध और 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे गोवा में रह रहे हैं।

Admiral Arun Prakash को ECI के सामने साबित करनी होगी नागरिकता

चुनाव आयोग के नोटिस के अनुसार, उन्हें और उनकी पत्नी को स्थानीय अधिकारी के सामने हाजिर होकर साबित करना होगा कि वे भारतीय नागरिक हैं या नहीं। उन्हें SIR की हियरिंग प्रक्रिया के हिस्से के तहत यह नोटिस भेजा गया है। जहां अनमैपड मतदाताओं की जांच होती है।

एडमिरल अरुण प्रकाश की प्रतिक्रिया

ECI के नोटिस को लेकर एडमिरल अरुण प्रकाश ने अपने एक्स हैंडल पर प्रतिक्रिया दी है।  उन्होंने कहा, “मुझे सेवानिवृति के 20 वर्ष बाद से न तो किसी विशेष सेवा की आवश्यकता है और न ही मैंने कभी इसके लिए अनुरोध किया। मैंने और मेरी पत्नी ने आवश्यकतानुसार SIR फॉर्म भरे थे। हम चुनाव आयोग के नोटिस का पालन करेंगे। ”

एडमिरल अरुण प्रकाश की चुनाव आयोग को सलाह

उन्होंने चुनाव आयोग को सलाह देते हुए लिखा ,” मैं चुनाव आयोग को यह बताना चाहूंगा कि अगर SIR फॉर्म में अपेक्षित जानकारी नहीं मिल रही है तो उन्हें संशोधित किया जाना चाहिए। BLO ने हमसे तीन बार मुलाकात की। वह अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकता था। हम 82/78 वर्ष के दंपति हैं और हमे 18 किलोमीटर दूर दो अलग अलग तारीखों पर उपस्थित होने के लिए कहा गया है। ”

एडमिरल अरुण प्रकाश कौन हैं ?

Admiral Arun Prakash भारतीय नौसेना के प्रमुख और एक सम्मानित अधिकारी रहे हैं। वे भारतीय नौसेना के 20वे चीफ ऑफ़ नेवल स्टाफ थे। वे 31 जुलाई 2004 से 31 अक्टूबर 2006 तक नेवी प्रमुख के पद पर रहे। अपनी सेवा के दौरान उन्हें  परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM ) अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) वीर चक्कर (VrC ) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से नवाजा गया। वे चीफ्स ऑफ़ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन भी रह चुके हैं। उन्होंने अपनी 40 वर्षों की सेवा में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।

एडमिरल अरुण प्रकाश का प्रारंभिक जीवन

अरुण प्रकाश का जन्म अक्टूबर 1944 को जम्मू कश्मीर के अनंतनाग के एक सैह्य परिवार में हुआ। Admiral Arun Prakash के पिता कश्मीर सिविल सर्विस में थे। वे बाद में लेह के डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर बने। बचपन में अरुण प्रकाश कश्मीर घाटी के विभिन्न स्थानों पर रहे। वे डोडा, सोपोर, बारामुला, श्रीनगर और लेह में रहे। 1947 में भारत पाक युद्ध के दौरान उनके परिवार को भी प्रभावित होना पड़ा।

Admiral Arun Prakash का सैन्य करियर

उन्होंने 1961 में नेशनल डिफेंस अकैडमी में प्रवेश लिया। जहां से उन्होंने 1964 में ग्रेजुएट किया। वे अपने स्क्वॉड्रन के कैडेट कैप्टन बने। इसके बाद 1 जनवरी 1966 को भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया। वे नौसेना के एविएटर के रूप में प्रशिक्षित हुए और फ्लाइंग विंग्स प्राप्त की।

Admiral Arun Prakash ने अपनी आगे की शिक्षा में IAF टेस्ट पायलट्स स्कूल (1976), डिफेन्स सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (1979 ) और US नेवल वॉर कॉलेज (1990) से प्रशिक्षण लिया।

एडमिरल अरुण प्रकाश का सैनिक जीवन 

  • अरुण प्रकाश 1971 के भारत पाकिस्तान यद्ध के समय युवा लेफ्टिनेंट के रूप में भारतीय वायुसेना के लाइटनिंगस स्क्वॉड्रन में डेपुटेशन पर थे।
  • उन्होंने हॉकर हंटर विमान उड़ाकर पश्चिमी पाकिस्तान में हवाई हमले किए। उनकी इस बहादुरी के लिए उन्हें  वीर चक्क्र से सम्मानित किया गया।
  • उन्होंने भारत के पहले एयरक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रांत पर सेवा दी।
  • वे INS किरपान और आईएनएस दिल्ली पर भी रहे।
  • वे INAS 300 ( White Tigers ) के कमांडर भी रहे।
  • वे ईस्टर्न फ्लीट के कमांडर रहे।
  • अरुण प्रकाश नेशनल डिफेंस अकैडमी के कमांडेंट रहे।
  • Admiral Arun Prakash अंडमान एंड निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ रहे।
  • उनका 2500 घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरिएंस है।

Admiral Arun Prakash की सेवानिवृति

31 अक्टूबर 2006 को सेवानिवृति के बाद Admiral Arun Prakash गोवा में बस गए। रिटायर होने के बाद उन्होंने नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन का नेतृत्व किया। उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी अडवाइजरी बोर्ड में सेवा दी। वे नेवल वॉर कॉलेज गोवा में विशिष्ट पद पर रहे। उन्होंने From The Crow’s Nest कितबा लिखी। जिसमें समुद्री मुद्दों पर उनके लेख और भाषण संकलित हैं।

एडमिरल अरुण प्रकाश भारतीय नौसेना के एक युद्ध नायक और राजनीतिक विचारक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने नौसेना के आधुनिकीकरण और अंतराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी सेवा राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक है।

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