लेखक विंटा नंदा रेप केस: दिंडोशी सत्र न्यायालय ने आलोक नाथ को अग्रिम जमानत दी

अलोक नाथ पर #MeToo कैंपेन के तहत लगा था आरोप

साल 2018 अक्टूबर महीने में अपनी फेसबुक पोस्ट के जरिए वरिष्ठ लेखिका विंटा नंदा ने अभिनेता आलोक नाथ पर यौन उत्पीड़न और बलात्कार का आरोप लगाया था। 

मशहूर और वरिष्ठ अभिनेता आलोक  नाथ ने इस आरोप को सिरे से ख़ारिज करते हुए मिस नंदा के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया था। उन्होंने मिस नंदा के सामने माफ़ी मांगने के साथ साथ मानहानि की रकम एक रूपये के रूप में लेने की शर्त रखी थी।

अलोक नाथ पर इससे पहले दो अन्य अभिनेत्रियों ने भी यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। विंटा नंदा का आरोप है कि साल 1990 में आलोक नाथ और उन्होंने एक प्रसिद्ध टेलीविज़न धारावाहिक में काम किया था। उस वक्त मिस्टर नाथ ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।

आज लेखक विंटा नंदा बलात्कार मामला में दिंडोशी सत्र न्यायालय ने आलोक नाथ को अग्रिम जमानत दे दी है।

Writer Vinta Nanda rape case: Dindoshi Sessions Court grants anticipatory bail to Alok Nath. (file pics) pic.twitter.com/CmvZi26qNO— ANI (@ANI) January 5, 2019

अलोक नाथ की जमानत मिलने पर वरिष्ठ लेखिका नंदा ने कहा,अलोक नाथ के खिलाफ मेरी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। इस मामले में मेरी मदद करने वालों का बहुत बहुत शुक्रिया।

वरिष्ठ लेखिका नंदा ने कहा,मैं कोई सबूत पेश नहीं कर सकती। न ही अलोक नाथ ये साबित कर सकते हैं कि उन्होंने मेरे साथ उत्पीड़न नहीं किया। फिर हम किस बात के लिए अदालत में लड़ाई लड़ रहे हैं?हम अदालत का समय बर्बाद क्यों कर रहे हैं?ऐसा कोई कानून नहीं है कि 20 साल पहले क्या हुआ था। उसकी जाँच हो सके।

नंदा ने कहा ,मैंने ये कदम समाज में बदलाव लाने के लिए उठाया है। उन्होंने आगे बताया कि कई बार मुझे महसूस हुआ कि इससे कुछ नहीं बदलने वाला है। फिर मुझे किसी ने बताया कि मैं बहुत अच्छा काम कर रही हूँ ,एक दिन बदलाव जरूर आएगा।

 

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