भगवंत मान बने पंजाब के 17वे मुख्यमंत्री, शहीद-ए-आजम भगत सिंह के गांव खटकड़ कलां में ली सीएम पद की शपथ

कॉमेडियन से नेता बने भगवंत मान को आज शहीद भगत सिंह के गांव खटकड़ कलां में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्य के गवर्नर बनवारीलाल पुरोहित ने सीएम पद की शपथ दिलाई है। भगवंत मान के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे ।

भगवंत मान बने सीएम

AAP नेता भगवंत मान ने पंजाब के 17वे मुख्यमंत्री के रूप में बुधवार के दिन पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है। भगवंत मान ने पंजाबी भाषा में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। शहीद भगत सिंह के गांव खटकड़ कलां में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदेश के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है। इस अवसर पर भगत सिंह के गांव को बसंती रंग से रंग दिया गया। वहां पहुंचे अधिकतर लोग बसंती पगड़ी और महिलाएं बसंती दुपट्टा पहने हुए थी।

शपथ ग्रहण में अरविंद केजरीवाल मौजूद रहे

सीएम पद की शपथ के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित दिल्ली सरकार के सभी मंत्री मौजूद रहे। इस अवसर पर अपने संबोधन में पंजाब के संगरूर से सांसद रह चुके भगवंत मान ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब के कोने-कोने से आए हुए लोगों का मैं हार्दिक अभिनंदन करता हूं। यहां आने के लिए मैं आपका बहुत धन्यवाद देता हूं। यहां पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी कैबिनेट बैठी हुई है।

आपके प्यार को शब्दों में ब्यान नहीं कर सकता

भगवंत मान ने अपने संबोधन के दौरान कहा,” मेरे लिए खड़कड़ कलां कोई नया नहीं है। जितना प्यार आप लोगों ने मुझे और आम आदमी पार्टी को दिया है मैं उसको शब्दों में बयान नहीं कर सकता। जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया उनसे भी मुझे कोई शिकायत नहीं है। यह हमारे पूरे पंजाब की सरकार है। ”

भगत सिंह को किया याद

उन्होने कहा ,” शहीद ए आजम भगत सिंह कहते थे कि इश्क करना सबका हक है क्यों ना इस बार वतन की मिट्टी को सरजमी बना लिया जाए। ” उन्होंने कहा दिल्ली में जो स्कूल दिख रहे हैं उसी तरह से हम पंजाब में भी अस्पताल और स्कूल बनाएंगे कि लोग वहां आ कर फोटो खिंचवा कर जायेंगे। आप याद रखिए 10 मार्च को पंजाबियों का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया। जनता जब चाहेगी, बंदा अर्श पर पहुंच सकता है और जब चाहे फर्श पर पहुंच सकता है।

मान ने कहा,” भगत सिंह को यह चिंता सताती थी कि जब देश स्वतंत्र हो जाएगा तो किस तरह चलेगा। हमारे ऊपर यह जिम्मेदारी है। आपके प्यार का कर्ज कई जीवन तक नहीं चुका पाऊंगा। जिन्होंने वोट नहीं दिया हम उनके भी सीएम हैं। यह उनकी भी सरकार है। यह लोकतंत्र है। हम आज से काम शुरू कर देंगे। प्रदेश में पहले ही 70 साल की देरी हो चुकी है।”उन्होंने पंजाब के लोगों से होली आराम खेलने की अपील की और कहा कि किसी से लड़ना झगड़ना नहीं और अहंकार मत दिखाना।

पंजाबी कहावत का जिक्र

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने  एक पंजाबी कहावत का जिक्र करते हुए कहा,” बोरी को खोलने के लिए डोरी का सही सिरा  नहीं मिले तो सब उलझ जाता है लेकिन सही सिरा मिल जाए तो बोरी खोलने में आधा सेकंड लगता है। हमें मिलकर उलझी हुई बोरी का सही सिरा ढूंढना है। यह बात किताबों में आएगी कि कब पंजाब के लोगों ने बिना किसी लालच के वोट दिया था। तो वह तारीख 20 फरवरी 2022 होगी।

उन्होंने एक संबोधन के अंत में एक शेर किया। उन्होंने कहा,” हुकूमत वे करते हैं जिनका दिलों पर राज होता है। यूं कहने को तो मुर्गे के सर पर भी ताज होता है। ” अपने भाषण के अंत में उन्होंने इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए।

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