भगवंत मान ने पंजाब में पूर्व मंत्रियों और विधायकों की सिक्योरिटी हटाने पर दिया यह स्पष्टीकरण

पंजाब विधान सभा चुनाव 2022 में AAP को प्रचंड बहुमत मिला है। आम आदमी पार्टी के मनोनीत सीएम भगवंत मान ने पद की शपथ लेने से पहले ही बड़ा फैसला लिया है। भगवंत मान ने VIP कल्चर को प्रांत में खत्म करने के लिए पूर्व विधायकों और मंत्रियों की सुरक्षा मैं तैनात पुलिस कर्मियों को हटाने का फैसला लिया है। पहली सूचि के अनुसार 122 पूर्व मंत्रियों और विधायकों की सिक्योरिटी को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

क्यों हटाई मंत्रियों और विधायकों की सुरक्षा ?

मनोनीत सीएम भगवंत मान ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा ,” थाने खाली पड़े हैं। हम पुलिस बल से पुलिस का ही काम लेंगे। मुझे लगता है कि पंजाब के लोगों की सुरक्षा कुछ लोगों की सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण है। ” उन्होंने आगे कहा ,” पहले राजनेताओं के घरों के बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाता था। जबकि पुलिस थाने खाली रहते थे। हमारे लिए पंजाब के तीन करोड़ से अधिक लोगों की सुरक्षा ज्यादा महत्वपूर्ण है। ”

122 MLA और मंत्रियों की हटाई गई सुरक्षा

पंजाब में आम आदमी पार्टी के मनोनीत मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पद की शपथ लेने से पहले बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने पंजाब पुलिस को 122 विधायकों और मंत्रियों की सुरक्षा वापस लेने का निर्देश दिया है। शपथ लेने से पहले मान का यह फैसला बहुत अहम माना जा रहा। पंजाब के ADG (सिक्योरिटी ) ने 11 मार्च के एक पत्र के माध्यम से राज्य के सभी पुलिस अधिकारीयों को इस बारे में निर्देश दिए हैं। जिन मंत्रियों की सुरक्षा वापस लेने के निर्देश जारी किए गए हैं , उनमें पंजाब विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष केपी सिंह ,पूर्व मंत्री मनप्रीत सिंह बादल , भारत भूषण आशु , संगत सिंह गिलजियान और राजकुमार वेरका प्रमुख हैं।

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इसी सूचि में जिन पूर्व विधायकों की सुरक्षा हटाई गई है उनके नाम इस तरह से हैं। पूर्व एमएलए राणा गुरजीत सिंह , परगट सिंह ,सुखबिंदर सरकारिया , कांग्रेस पार्टी के राज्य प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू  के नाम प्रमुख हैं।

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इसके अलावा बीजेपी ,अकाली दल और आम आदमी पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं की भी सुरक्षा वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। जिनमें प्रमुख नाम दलजीत सिंह चीमा , तोता सिंह , अनिल जोशी  और एच एस फुल्का हैं।

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