Deepanshi Nikita: दीपांशी ने मामा की बेटी निकिता से रचाई शादी

Deepanshi ने मामा की बेटी Nikita से रचाई शादी

Deepanshi Nikita News: पांचवीं तक पढ़ी हुई दीपांशी ने कहा कि उसे लड़कों में कोई रूचि नहीं है और वह निकिता के साथ खुश है। मामला मुजफ्फरनगर का है।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक असमान्य मामला सामने आया है। जहां ममेरी और फुफेरी बहनों ने सामाजिक मान्यताओं को तोड़ते हुए एक दूसरे से शादी कर ली है। दोनों पिछले डेढ़ साल से एक दूसरे से प्यार करती थीं और परिवारों के विरोध के बावजूद एक दूसरे संग शादी रचा ली।

Deepanshi और Nikita कौन हैं ?

दीपांशी मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली है जबकि निकिता तितावी थाना क्षेत्र से है। दीपांशी पांचवी कक्षा तक पढ़ी हुई और एक कंपनी में नौकरी करती है। निकिता ने स्नातक की डिग्री हासिल की हुई है और वह भी किसी कंपनी में नौकरी करती है। दोनों की मुलाकात डेढ़ साल पहले हुई थी और यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों के परिवारों को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था, इसलिए दीपांशी और निकिता (Deepanshi Nikita) ने घर से भागकर समलैंगिक विवाह कर लिया।

26 फरवरी 2025 को दोनों घर छोड़कर गाजियाबाद भाग गई। जहां उन्होंने एक किराय का मकान लिया और प्राइवेट फैक्ट्री में काम करना शुरू कर दिया।

परिवार की शिकायत और पुलिस की जांच

निकिता के पिता ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की । जिसमें उन्होंने दावा किया कि दीपांशी ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया है। शिकायत मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच शुरू की ।

निकिता और दीपांशी की थाने में पेशी

7 अगस्त 2025 को दोनों तितावी पुलिस स्टेशन पहुंची । निकिता ने मांग में सिंदूर भरा हुआ था जबकि दीपांशी पेंट शर्ट में पहुंची । उन्होंने पुलिस को बताया कि छह दिन पहले ही दोनों ने 1 अगस्त को शादी कर ली । अब दोनों पति पत्नी की तरह रहना चाहती हैं ।

दोनों ने परिवारों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की। पुलिस ने ब्यान दर्ज कर दोनों को सुरक्षा के साथ दीपांशी के घर भेज दिया। पुलिस का कहना है कि दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से रहने की क़ानूनी हकदार हैं।

निकिता पांचवीं क्लास तक पढ़ी हुई एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है .उसका कहना है कि दोनों को लड़कों में को इंट्रेस्ट नहीं है और दोनों साथ रहना चाहती हैं । बीए तक पढ़ी हुई दीपांशी भी एक निजी कंपनी में नौकरी करती है, उसका भी निकिता जैसा ब्यान है ।

क्या भारत समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता है ?

निकिता और दीपांशी के समलैंगिक विवाह को लेकर समाज में बहस चल रही है। साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को रद्द कर अपराध की श्रेणी से बाहर तो कर दिया लेकिन इसे क़ानूनी मान्यता नहीं दी। 9 जनवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह की मान्यता के लिए दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था । जिससे यह मुद्दा अभी भी अनसुलझा ही है। निकिता और दीपांशी ने लिव-इन-रिलेशनशिप और शादी का दावा किया है लेकिन इससे क़ानूनी रूप से मान्यता नहीं मिल सकती।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top