Harvinder-Vijay News: एशियन पैरा गेम्स 2026 में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने रिकर्व पुरुष डबल्स में चीन को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। जानें पूरी खबर।
Harvinder-Vijay ने रिकर्व तीरंदाजी में Gold Medal जीता
जापान के नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा तीरंदाजों ने एक और सुनहरा पल रचा है। पुरुष रिकर्व डबल्स के फाइनल में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने चीन को 5-1 से करारी शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
यह जीत भारत के लिए पैरा रिकर्व आर्चरी में इस संस्करण का पहला स्वर्ण पदक है। ओकाजाकी चूओ सोगो पार्क मल्टीपर्पज स्क्वेयर में हुए फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही अपना दबदबा कायम रखा और चीन की टीम को कोई मौका नहीं दिया।
Harvinder-Vijay का फाइनल मैच
हरविंदर सिंह (पेरिस 2024 पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट) और विजय सुंडी ने सेट्स में लगातार बेहतर स्कोरिंग की। भारतीय जोड़ी ने पहले सेट से ही लीड संभाली और अंत तक अपना प्रदर्शन बनाए रखा। चीन की तरफ से युन डुओ और झाओ लिशुए ने कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय तीरंदाजों की सटीकता के आगे वे टिक नहीं पाए।
सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 5-4 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। रैंकिंग राउंड में भी हरविंदर-विजय की जोड़ी टॉप पर रही थी।
हरविंदर और विजय का सफर
हरविंदर सिंह पेरिस 2024 में भारत के लिए पैरालंपिक गोल्ड जीतने वाले पहले तीरंदाज बने थे। टोक्यो 2020 में भी उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। विजय सुंडी झारखंड के चाईबासा से ताल्लुक रखते हैं और हाल के वर्ल्ड पैरा आर्चरी सीरीज में कई खिताब जीत चुके हैं। दोनों की जोड़ी पिछले कुछ महीनों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
यह जीत सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि भारतीय पैरा आर्चरी की बढ़ती ताकत का सबूत है। शीतल देवी और तोमन कुमार की कंपाउंड मिक्स्ड टीम गोल्ड के बाद यह आर्चरी में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक बन गया।
भारत की मेडल तालिका में इजाफा
इस गोल्ड के साथ भारत की मेडल तालिका और मजबूत हुई है। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। तीरंदाजी, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में पदक आ रहे हैं।
हरविंदर और विजय की इस जीत ने पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ा दी है। सोशल मीडिया पर फैन्स ने दोनों को बधाई दी और कहा कि यह प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।
भारत के इन दोनों तीरंदाजों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। एशियन पैरा गेम्स 2026 में अभी और मुकाबले बाकी हैं। भारतीय टीम से और पदकों की उम्मीद बनी हुई है।

