Para Asian Games 2026 में भारत ने 30 स्वर्ण समेत रिकॉर्ड 114 पदक जीते। जानिए 2010 से 2026 तक भारत के पैरा एशियन खेलों का पूरा सफर।
Para Asian Games 2026 में भारत के 114 पदक
जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक चले पैरा एशियाई खेल 2026 भारतीय खेल इतिहास में हमेशा याद रखे जाएंगे। भारत ने यहां 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य यानी कुल 114 पदक जीते। यह पैरा एशियाई खेलों में भारत का अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन है।
Para Asian Games 2026 में भारत के 114 पदकों का हिसाब
भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक के साथ अभियान पूरा किया और तालिका में चौथे स्थान पर रहा। पिछले संस्करण यानी हांगझोउ में भारत ने पहले 111 पदक जीते थे। डोपिंग के कारण तीन पदक छीने जाने के बाद वह आंकड़ा 108 रह गया। नागोया में भारत उससे आगे निकल गया।
सबसे खास बात यह है कि भारत ने यह रिकॉर्ड लगभग आधे खिलाड़ियों के साथ बनाया। हांगझोउ में 309 खिलाड़ी गए थे, जबकि इस बार दल में 168 खिलाड़ी थे। पैरा एथलेटिक्स ने अकेले 65 पदक दिलाए। पहले ही दिन भारत ने 11 पदक जीतकर बता दिया था कि इरादा क्या है।
Para Asian Games 2026 में नागोया के सितारे
- सुमित अंतिल: दो बार के पैरालंपिक चैंपियन ने जैवलिन में स्वर्ण जीता। पुरुष जैवलिन के पूरे पोडियम पर भारतीय खिलाड़ी रहे। महेंद्र गुर्जर को रजत और संजय सरगर को कांस्य मिला।
- नितेश कुमार: पैरा बैडमिंटन में पुरुष एकल SL3 के फाइनल में उन्होंने अपने ही देश के विश्व चैंपियन प्रमोद भगत को हराया। एक ही फाइनल में दो भारतीय होना अपने आप में गर्व की बात थी।
- विश्व रिकॉर्ड: संदीप ने पुरुष 400 मीटर T64 में, हनी ने जैवलिन F37/38 में और मोना अग्रवाल ने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन SH1 में विश्व रिकॉर्ड बनाए।
2026 पैरा एशियन खेलों में भारत के भारत के ध्वजवाहक
प्रमोद भगत और सिमरन शर्मा उद्घाटन समारोह में भारत के ध्वजवाहक थे। कुल मिलाकर एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तीरंदाजी, शूटिंग, तैराकी और टेबल टेनिस सभी में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते।
पैरा एशियन खेलों मेंभारत का 2010 से 2026 तक का सफर
यह सफलता एक रात में नहीं आई। पिछले सोलह साल में भारत के पैरा खिलाड़ियों ने हर संस्करण में पिछला रिकॉर्ड तोड़ा है।
- 2010 गुआंगझाओ: पहले पैरा एशियाई खेल, जो एशियाई खेलों के बाद हुए। भारत ने 14 पदक जीते (1 स्वर्ण, 4 रजत, 9 कांस्य) और 15वें स्थान पर रहा। इकलौता स्वर्ण जगसीर सिंह ने पुरुष लंबी कूद F46 में जीता।
- 2014 इंचियोन: पदक बढ़कर 33 हो गए (3 स्वर्ण, 14 रजत, 16 कांस्य)। भारत फिर भी 15वें स्थान पर रहा, पर पदक दोगुने से ज्यादा हो चुके थे।
- 2018 जकार्ता: भारत ने 72 पदक जीते (15 स्वर्ण, 24 रजत, 33 कांस्य) और नौवें स्थान पर पहुंचा। उस समय तक यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
- 2023 हांगझोउ: कोविड के कारण खेल 2022 से टालकर अक्टूबर 2023 में हुए। भारत पहली बार 100 पदक के पार पहुंचा। शुरुआती गिनती 111 की थी, जो संशोधन के बाद 108 (27 स्वर्ण, 32 रजत, 49 कांस्य) रही।
- 2026 नागोया: 114 पदक और 30 स्वर्ण, यानी अब तक का सर्वोच्च प्रदर्शन।
पदकों का क्रम 14, 33, 72, 108 और अब 114 है। हर बार छलांग बड़ी रही है।
इस जीत के पीछे पैरालंपिक की सफलता भी है। रियो 2016 में भारत को 4 पैरालंपिक पदक मिले थे। टोक्यो 2020 में यह संख्या 19 हुई और पेरिस 2024 में 29, जिनमें 7 स्वर्ण थे। बड़े मंच पर जीतने वाले खिलाड़ी अब नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
नागोया पहला जापानी शहर है जिसने पैरा एशियाई खेलों की मेजबानी की। यहां भारत का प्रदर्शन दिखाता है कि प्रशिक्षण, सुविधाओं और सरकारी व संस्थागत समर्थन का असर अब मैदान पर दिख रहा है। फिर भी असली जीत उन खिलाड़ियों की है जिन्होंने सीमाओं को पीछे छोड़कर तिरंगा ऊंचा किया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पैरा एशियाई खेल 2026 में भारत ने कितने पदक जीते?
भारत ने कुल 114 पदक जीते: 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य।
पैरा एशियाई खेल 2026 कहां हुए?
ये खेल जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक हुए।
भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन क्या था?
हांगझोउ 2023 में भारत ने 111 पदक जीते थे। तीन पदक छीने जाने के बाद यह आंकड़ा 108 रहा।
भारत पदक तालिका में किस स्थान पर रहा?
भारत चौथे स्थान पर रहा।
2010 के पहले पैरा एशियाई खेलों में भारत ने कितने पदक जीते थे?
भारत ने 14 पदक जीते थे, जिनमें 1 स्वर्ण था।
तीस स्वर्ण समेत 114 पदक सिर्फ एक आंकड़ा नहीं हैं। यह सोलह साल की मेहनत, हौसले और बदलती सोच का नतीजा है। 14 पदक से शुरू हुआ सफर आज 114 तक पहुंचा है। अगला लक्ष्य और ऊंचा होगा।

