Kasturi Rajamani ने Asian Para Games 2026 में Silver Medal जीता

Kasturi Rajamani ने Asian Para Games 2026 में Silver Medal जीता

Kasturi Rajamani: Asian Para Games 2026 में कस्तूरी राजामणि ने पैरा पावरलिफ्टिंग 67 किग्रा में 108 किलो उठाकर Silver Medal जीता। जानें पूरी खबर।

Kasturi Rajamani ने silver medal जीता

जापान के नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा पावरलिफ्टर कस्तूरी राजामणि (Kasturi Rajamani) ने बुधवार को महिलाओं के 67 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। 42 वर्षीय कस्तूरी ने अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में 108 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर दूसरा स्थान पक्का कर लिया।

Kasturi Rajamani गोल्ड मेडल से चुकीं

उज्बेकिस्तान की रुखशोना उक्तामोवा ने 127 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की किम ह्योंगहुई 107 किलोग्राम पर कांस्य पदक से संतुष्ट रहीं। किम के अंतिम प्रयास में असफल होने के बाद कस्तूरी सिल्वर पोजीशन पर पहुंच गईं।

यह भारत का पैरा पावरलिफ्टिंग में इस गेम्स का दूसरा पदक है। मंगलवार को अशोक कुमार मलिक ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था।

कस्तूरी का संघर्ष और प्रेरणादायक सफर

तमिलनाडु की रहने वाली कस्तूरी दोनों पैरों में पोलियो से प्रभावित हैं। बचपन में ही उन्होंने अपनी मां को खो दिया था और उनका पालन-पोषण दादी ने किया। साल 2018 में एक दोस्त के जरिए वे पावरलिफ्टिंग से जुड़ीं। चेन्नई के नुंगमबक्कम कॉर्पोरेशन ग्राउंड में ट्रेनिंग शुरू की और बाद में स्पोर्ट्स डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ तमिलनाडु के कोच जी. विजय सारथी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ीं।

पिछले एशियन पैरा गेम्स में वे पांचवें स्थान पर रहीं थीं। इस बार उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार किया। पहले प्रयास में 103 किलो, दूसरे में 106 किलो (फेल) और तीसरे में 108 किलो सफलतापूर्वक उठाकर मेडल पक्का किया।

पेरिस पैरालंपिक्स 2024 में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जहां 67 किग्रा वर्ग में आठवें स्थान पर रहीं। खेलो इंडिया पैरा गेम्स में गोल्ड जीत चुकीं कस्तूरी अब एशियन स्तर पर भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं।

भारत की मेडल लिस्ट में इजाफा

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ी लगातार मेडल जीत रहे हैं। पैरा पावरलिफ्टिंग में यह सफलता देश की बढ़ती ताकत को दिखाती है। कस्तूरी जैसी एथलीट्स की कहानियां न सिर्फ खेल की दुनिया को प्रेरित करती हैं, बल्कि दिव्यांगजनों के लिए मिसाल भी बनती हैं।

नागोया में उनका यह प्रदर्शन साबित करता है कि सही ट्रेनिंग, मेहनत और जज्बे के साथ कोई भी मुश्किल पार की जा सकती है। कस्तूरी राजामणि का सिल्वर मेडल पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

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