Khaleda Zia

Khaleda Zia का 80 की उम्र में निधन

Khaleda Zia passes away:बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बीएनपी की चेयरपसर्न खालिदा जिया का निधन हो गया है। वे 80 वर्ष की थीं और पिछले लंबे समय से बीमार थीं।

Khaleda Zia का निधन

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की चेयरपर्सन खालिदा जिया (Khaleda Zia) का 30 दिसंबर 2025 को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन ढाका के एवरकेयर हॉस्पिटल में हुआ। जहां वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनके डॉक्टरों के अनुसार, वे लिवर सिरोसिस, आर्थराइटिस, डायबिटीज, चेस्ट और हार्ट संबंधी समस्याओं से पीड़ित थीं।

Khaleda Zia लंबे समय से बीमार थीं

वे 23 नवंबर 2025 से अस्पताल में भर्ती थीं और उनकी हालत ‘बहुत गंभीर’ बताई जा रही थी। बांग्लादेश सरकार ने 1 दिसंबर 2025 को उन्हें ‘वीवीआईपी’ का दर्जा दिया था और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स तैनात की थी। उनके निधन की पुष्टि बीएनपी ने की है।

Khaleda Zia का निधन : एक युग का अंत

Khaleda Zia के बड़े बेटे तारिक रहमान को बीएनपी का चेयरपर्सन बनाया गया। बांग्लादेश में उनके समर्थकों ने शोक मनाया और कई राजनीतिक हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। वे बांग्लादेश की राजनीति में एक प्रमुख विपक्षी नेता के रूप में जानी जाती थीं। उनके निधन को देश की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।

खालिदा जिया का जन्म कब हुआ ?

खालिदा जिया का जन्म 15 अगस्त 1945 को ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रांत के जलपाईगुड़ी में एक बंगाली मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनका मूल नाम खालिदा खानम पुतुल था। वे फुलगाजी (वर्तमान बांग्लादेश के फेनी जिले) से जुड़े परिवार से थीं। उनके पिता इस्कंदर अली मजुमदार एक चाय व्यापारी थे। वे पांच भाई-बहनों में तीसरी थीं।

Khaleda Zia के भाई-बहन

उनकी बड़ी बहन खुरशीद जहां 2001–2006 के दौरान मंत्री रहीं। छोटा भाई सईद इस्कंदर राजनीतिज्ञ थे और 2001–2006 में फेनी-1 से सांसद रहे। अन्य भाई शमीम इस्कंदर एक रिटायर्ड फ्लाइट इंजीनियर हैं और बहन सेलीना इस्लाम हैं।

खालिदा जिया की शादी

1960 में Khaleda Zia ने पाकिस्तान आर्मी के कैप्टन जिया उर रहमान से शादी की थी। अपना नाम खालिदा जिया रखा। जिया उर रहमान बाद में बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने, लेकिन 30 मई 1981 को उनकी हत्या कर दी गई। दंपति के दो बेटे हैं। उनका बेटा तारिक रहमान वर्तमान में बीएनपी के एक्टिंग चेयरमैन,जो लंदन में निर्वासित जीवन जी रहे हैं। वे राजनीति में सक्रिय हैं और कई भ्रष्टाचार मामलों में आरोपी रह चुके हैं। उनके दूसरे बेटे आराफात रहमान का 2015 में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था।

खालिदा जिया का परिवार

उनका परिवार मजुमदार–जिया फैमिली के नाम से जाना जाता है, जो अफगान मूल का है। 1947 के भारत विभाजन के बाद उनका परिवार दिनाजपुर (बांग्लादेश) चला गया था।

Khaleda Zia का राजनीतिक करियर

खालिदा जिया का राजनीतिक सफर उनके पति की हत्या के बाद शुरू हुआ। वे मूल रूप से घरेलू महिला थीं लेकिन 1981 में पति की मौत के बाद राजनीति में आईं। वे 2 जनवरी 1982 को वे बीएनपी में शामिल हुईं। जो उनके पति ने 1978 में स्थापित की थी। मार्च 1983 में वाइस-चेयरपर्सन बनीं और 10 मई 1984 से मौत तक चेयरपर्सन रहीं। उन्होंने पार्टी को मजबूत किया और विपक्षी भूमिका निभाई।

  • वे बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं।
  • खालिदा का पहला कार्यकाल : 20 मार्च 1991 से 30 मार्च 1996 तक। 1991 के चुनाव में बीएनपी की जीत के बाद शपथ ली।
  • दूसरा कार्यकाल: फरवरी 1996 में कुछ हफ्तों के लिए।
  • तीसरा कार्यकाल: 10 अक्टूबर 2001 से 29 अक्टूबर 2006 तक, फोर पार्टी अलायंस के साथ

Khaleda Zia फेनी-1 (1991–2001, 2001–2006, 2008–2014) और बोगरा-6 (2001–2006, 2008–2014) से सांसद रहीं। Khaleda Zia ने  विपक्ष की नेता के रूप में 1996–2001 और 2008–2014 तक काम किया।

खालिदा किया की प्रमुख उपलब्धियांKhaleda Zia passes away

  1. शिक्षा सुधार: प्राथमिक शिक्षा मुफ्त और अनिवार्य की; लड़कियों के लिए 10वीं तक मुफ्त शिक्षा; 1994 में शिक्षा बजट 60% बढ़ाया; एसएससी पास रेट 31.73% (1990) से 73.2% (1995) तक पहुंचा।
  2. आर्थिक सुधार: वैट सिस्टम शुरू; बैंक कंपनी एक्ट (1991); फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस एक्ट (1993); प्राइवेटाइजेशन बोर्ड (1993); जीएटीटी पर हस्ताक्षर (1993); ढाका के पास एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन स्थापित।
  3. प्रशासनिक सुधार: उपजिला सिस्टम खत्म (1991); शहर मेयरों का सीधा चुनाव; लोकल गवर्नमेंट स्ट्रक्चर रिव्यू कमीशन गठन।
  4. तीसरे कार्यकाल में: विदेशी निवेश आकर्षित; कानून-व्यवस्था बहाल; ‘लुक-ईस्ट पॉलिसी’ से क्षेत्रीय सहयोग; यूएन पीसकीपिंग को बढ़ावा; जीडीपी ग्रोथ 5-6%; प्रति व्यक्ति आय 482 यूएसडी; विदेशी मुद्रा भंडार 3 बिलियन यूएसडी; एफडीआई 2.5 बिलियन यूएसडी; औद्योगिक क्षेत्र जीडीपी का 17%।
  5. पहली महिला रक्षा मंत्री; “मदर ऑफ डेमोक्रेसी” का सम्मान (2022); कई यूनिवर्सिटी हॉल उनके नाम पर बनीं।

खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति में एक मजबूत महिला नेता के रूप में याद की जाएंगी, जिन्होंने विपक्षी भूमिका में लोकतंत्र के लिए संघर्ष किया।

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