CBSE बोर्ड एग्जाम 2022 में किए गए कई अहम बदलाव, निदेशक जोसेफ इमैनुएल ने दी यह जानकारी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपने नोटिस में बताया कि नया सत्र 50 प्रतिशत पाठ्यक्रम के साथ दो सेशन में बांटा जाएगा। प्रत्येक सत्र  के अंत में 50 परसेंट पाठ्यक्रम की ही परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में बदलाव 

सीबीएसई बोर्ड ने कोरोनावायरस महामारी के मद्देनजर रखते हुए 10वीं और 12वीं की अगले साल होने वाली परीक्षाओं के लिए विशेष मूल्यांकन योजना की सोमवार के दिन घोषणा की है । शिक्षण स्तर को दो हिस्सों में बांट दिया गया है। बोर्ड ने  2021-22 के सिलेबस को युक्तिसंगत बनाने और आंतरिक मूल्यांकन और प्रोजेक्ट आदि को अधिक विश्वसनीय और वैध बनाने संबंधी योजना की घोषणा की है।

सीबीएसई के निदेशक जोसेफ इमैनुएल द्वारा जारी सरकारी आदेश के अनुसार पहली अवधि की परीक्षा नवंबर-दिसंबर 2021 में होगी जबकि दूसरी अवधि की परीक्षा मार्च-अप्रैल 2022 में होगी।

निदेशक जोसेफ इमैनुएल ने दी यह जानकारी 

बोर्ड के निदेशक ने कहा,” शिक्षण सत्र  2021-22 के लिए पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत तरीके से 2 टर्म में बांट दिया जाएगा। इसके अलावा विषयों के विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी। बोर्ड परीक्षा 2021-22 के पाठ्यक्रम को जुलाई 2021 में अधिसूचित अंतिम शिक्षण स्तर के लिहाज से युक्तिसंगत बनाया जाएगा। पहले क्रम के अंत में बोर्ड नवंबर-दिसंबर 2021 में चार से 8 सप्ताह की समय सीमा में देश विदेश में स्थित स्कूलों के लिए परीक्षाओं का आयोजन करेगा।”

जोसेफ ने कहा,” इन परीक्षाओं में बहुविकल्पीय वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। यह एमसीक्यू घटना आधारित और अन्य प्रकार के हो सकते हैं। परीक्षा का समय 90 मिनट का होगा और क्रम में अधिक सिर्फ युक्ति संगत पाठ्यक्रम से ही सवाल दिए जाएंगे। प्रश्न पत्र और और मूल्यांकन की योजना केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा स्कूलों को भेजी जाएगी।

“परीक्षाएं बाहर से आए शिक्षकों और सीबीएसई द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की निगरानी में होगी। विद्यार्थी प्रश्नों का उत्तर ओएमआर शीट पर भरेंगे। इन सीट को स्कैन करने के बाद सीधे सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा या फिर उनकी जांच करने के लिए विद्यार्थियों को मिले अंकों की सूचना स्कूल द्वारा उसी दिन अपलोड कर दी जाएगी ।” बोर्ड के निदेशक ने कहा ।

“बोर्ड के निदेशक ने कहा,” पाठ्यक्रम को दो हिस्सों में बांटे जाने के आधार पर प्रत्येक टर्म के अंत में बोर्ड परीक्षा कराएगा।  शिक्षण सत्र के अंत में बोर्ड द्वारा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कराने की संभावनाओं को बढ़ाने के लक्ष्य से ऐसा किया गया है। आंतरिक मूल्यांकन प्रायोगिक परियोजना कार्यों को अधिक विश्वसनीय और दिशा निर्देशों के अनुसार वैध बनाने के प्रयास किए जाएंगे और निष्पक्ष तरीके से अंक दिए जाने के लिए बोर्ड द्वारा नीति की घोषणा की जाएगी।” उन्होंने कहा ।

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