मथुरा में हेमा मालिनी गेहूँ काटती नजर आई ,हुई ट्रोल,देखें तस्वीरें

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मथुरा लोकसभा सीट से सांसद हेमा मालिनी अपने संसदीय क्षेत्र में गेहूँ की फसल काटती हुई नजर आई।हेमा मालिनी ने ये तसवीरें अपने ट्विटर एकाउंट पर अपलोड की।
मथुरा लोकसभा सीट से सांसद हेमा मालिनी अपने संसदीय क्षेत्र में गेहूँ की फसल काटती हुई नजर आई।हेमा मालिनी ने ये तसवीरें अपने ट्विटर एकाउंट पर अपलोड की।

मथुरा लोकसभा सीट से सांसद हेमा मालिनी अपने संसदीय क्षेत्र में गेहूँ की फसल काटती हुई नजर आई।
हेमा मालिनी ने ये तसवीरें अपने ट्विटर एकाउंट पर अपलोड की।

लोकसभा चुनाव 2019 के कुछ ही दिन बचे हैं। नेताओं में जनता को अपनी तरफ आकर्षित करने की होड़ मची हुई है।
वोट की फसल काटने के लिए नेता जनता लुभाने के लिए हर वो कोशिश कर रहे हैं ,जिससे जनता को उनमें अपनापन
लगे। चुनावी फसल काटने के लिए नेता लोग प्रचार के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। नेता जनता को ये दर्शाने की
कोशिश कर रहे हैं कि वो उन्ही के बीच का है और अगले पूरे पांच साल उन्ही के बीच ऐसे ही रहेगा।

हेमा मालिनी गेहूँ के खेत में

यही कारण है कि मथुरा से लोकसभा सांसद और उम्मीदवार हेमा मालिनी ने रविवार को मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र में गेहूँ की
फसल काट रहे किसानों के साथ फसल काटते हुए और गेहूँ को इकट्ठा करते हुए अपनी फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की।
हेमा मालिनी ने लिखा,” आज मैंने अपने संसदीय क्षेत्र मथुरा में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू कर दिया है।
गोवर्धन क्षेत्र में खेत में काम करती हुई महिलाओं के साथ बातचीत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मेरे पहले दिन
के प्रचार की कुछ तस्वीरें। ”

हेमा मालिनी गेहूँ के खेत में
हेमा मालिनी गेहूँ के खेत में

आपको बता दें, हेमा मालिनी ने रविवार को अपना चुनावी प्रचार शुरू किया। हेमा मालिनी चुनाव प्रचार के दौरान मथुरा के
गोवर्धन इलाके में खेतों में गेहूँ काट रही महिलाओं के बीच पहुंची और उन्होंने गेहूँ काटी। हेमा मालिनी ने जो तसवीरें सोशल
मीडिया पर ड़ाली हैं ,उनमें वह एक हाथ में फसल काटने वाला औजार हसिया लिए हुए हैं और दूसरे हाथ में फसल।

हालांकि, फसल काटते समय हेमा मालिनी ने हल्के सुनहरा रंग की साडी पहनी हुई है। जिसको देखकर किसी भी तरह से
मजदूर नहीं लगती।

सोशल मीडिया पर यूजर सवाल कर रहे हैं कि पांच साल में एक घंटे फसल काटने की नौकरी हमें भी दिला दो।
दूसरे यूजर ने लिखा ,अगर अपने संसदीय क्षेत्र में कुछ काम किया होता तो आज ये दिन नहीं देखने को मिलता।
विक्की यादव नाम के यूजर लिखते हैं ,”चुनावी फसल केवल कैमरे के सामने ही कटती है। ” बहराल कुछ भी हो
नेताओं का प्रचार शुरू हो गया है। एक और यूजर लिखते हैं,”अगर एक घंटा भी खेत में काम करती तो पता चल जाता।
दो मिनट में फ़ोटो क्लिक करके पब्लिसिटी लेनी है बस। वरिष्ठ नेता यशवंत देशमुख ने यहां तक लिख दिया ,फोटो
खींच धन्नो, आज तेरी बसंती की फसल खतरे में है।

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