Muskan Rastogi and Sahil Shukla sentenced to death: मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई। सौरभ राजपूत हत्याकांड का बड़ा फैसला। पूरी डिटेल पढ़ें।
Muskan Rastogi and Sahil Shukla sentenced to death
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में बुधवार 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई। दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दोषी ठहराया गया था।
यह फैसला लगभग 13 महीने चले मुकदमे के बाद आया। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मुकदमे में 126 सुनवाइयां हुईं और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। फैसला सुनते समय दोनों मौन रहे। सौरभ राजपूत के परिवार ने फैसले पर संतोष जताया और इसे न्याय की जीत बताया।
क्या था नीला ड्रम हत्याकांड?
यह मामला मार्च 2025 का है। मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत लंदन से मेरठ लौटे थे। आरोप है कि उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर 3 मार्च 2025 की रात उनकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मुस्कान ने सौरभ को नशीला पदार्थ दिया और फिर साहिल के साथ मिलकर चाकू से हमला कर हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव के कई टुकड़े किए गए। इन टुकड़ों को नीले प्लास्टिक ड्रम में डालकर सीमेंट और रेत से सील कर दिया गया। ड्रम घर में ही रखा गया था। बाद में जब ड्रम खोला गया तो सौरभ का शव बरामद हुआ। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। इसी वजह से केस को नीला ड्रम हत्याकांड या ब्लू ड्रम मर्डर केस के नाम से जाना जाने लगा।
पुलिस ने जांच के दौरान कई सबूत जुटाए। दुकानदारों के बयान आए जिन्होंने मुस्कान और साहिल को ड्रम, सीमेंट, चाकू जैसी चीजें बेचने का जिक्र किया। फॉरेंसिक सबूत भी मजबूत पाए गए। 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था और सजा का फैसला 14 अक्टूबर के लिए सुरक्षित रखा था।
अदालत में क्या हुआ?
सजा सुनाने से पहले बचाव पक्ष ने नरमी की मांग की। मुस्कान ने अपनी बेटियों का हवाला देते हुए कम सजा की अपील की। साहिल भी रहम की भीख मांगते नजर आए। लेकिन अभियोजन पक्ष ने केस को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में रखते हुए फांसी की मांग की। जिला शासकीय अधिवक्ता के.के. चौबे ने बताया कि अदालत ने दोनों को मौत की सजा सुनाई।
फैसला सुनते ही सौरभ राजपूत के परिवार की आंखें नम हो गईं। कोर्ट परिसर में कुछ लोगों ने न्याय की जीत का नारा भी लगाया। यह फैसला अभी हाईकोर्ट में कन्फर्म होना बाकी है। आरोपी अपील भी कर सकते हैं।
परिवार की प्रतिक्रिया
सौरभ के भाई और परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही फांसी की मांग की थी। उन्होंने बताया कि इतनी क्रूर हत्या के बाद कम सजा नाइंसाफी होती। परिवार ने जोड़े को सलाह दी कि अगर रिश्ते नहीं चल रहे तो अलग हो जाएं, लेकिन हिंसा का रास्ता न अपनाएं।
नीला ड्रम हत्याकांड पूरे उत्तर प्रदेश और देश में चर्चा का विषय बना रहा। इसकी क्रूरता और घटना के तरीके ने लोगों को झकझोर दिया था। अदालत के इस फैसले ने कई लोगों को राहत दी है जो न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।
यह फैसला याद दिलाता है कि कानून की नजर में कोई भी अपराध छिपा नहीं रहता। मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मिली फांसी की सजा इस बात की मिसाल है कि नृशंस अपराधों में अदालत कड़ी सजा देती है।






