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Navratri tragedies: कोलकाता से ग्वालियर तक 5 हादसे, 45 मौतें

Navratri tragedies: कोलकाता से ग्वालियर तक 5 हादसे, 45 मौतें

Navratri tragedies : महासप्तमी-अष्टमी पर कोलकाता चोरबागान भगदड़, ग्वालियर शीतला माता ट्रक हादसा समेत 5 घटनाओं में 45 की मौत, सैड़ों घायल। पूरी डिटेल पढ़ें।

Navratri tragedies: नवरात्रि पर देश भर में 5 बड़े हादसे

महासप्तमी और अष्टमी के पावन मौके पर देशभर में खुशियों का माहौल था। दुर्गा पूजा के पंडाल सज रहे थे, मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही थी। लेकिन पिछले 24 घंटों में कोलकाता के चोरबागान से लेकर ग्वालियर के शीतला माता मंदिर तक पांच अलग-अलग हादसों ने इस उत्सव को मातम में बदल दिया। इन घटनाओं में करीब 45 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों घायल हो गए।

Navratri tragedies: कोलकाता चोरबागान पंडाल भगदड़: सबसे बड़ा हादसा

उत्तर कोलकाता के गिरीश पार्क थाना क्षेत्र में स्थित चोरबागान सार्वजनीन (शारदा पार्क) दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम करीब 7:40 बजे महासप्तमी के दौरान दर्दनाक भगदड़ मच गई। भारी बारिश शुरू होते ही बाहर इंतजार कर रहे लोग अचानक पंडाल के अंदर घुसने लगे। संकरी गली, भीड़ का दबाव और निकास द्वार पर अफरा-तफरी ने हालात बिगाड़ दिए। कुछ रिपोर्ट्स में सीटी या घोषणा की अफवाह का भी जिक्र है।

इस हादसे में 19 से 20 लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। करीब 25 लोग घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर रही। घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मौके पर पहुंचे। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और ग्रुप-डी नौकरी देने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया और मदद की घोषणा की। पंडाल कमेटी के पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

ग्वालियर शीतला माता मंदिर ट्रक हादसा

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के करीब 1:30 बजे भीषण हादसा हुआ। चीनौर रोड पर ढलान वाले रास्ते पर भारी वाहनों पर रोक थी, लेकिन धान से लदा एक ट्रक पुलिस बैरिकेड तोड़कर अनियंत्रित हो गया। ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया, प्रसाद की दुकानें कुचल दीं और मंदिर के बाहरी गेट-दीवार से टकरा गया। दीवार का हिस्सा गिरने से कई लोग मलबे में दब गए।

इस हादसे में 13 से 15 लोगों की मौत हो गई। करीब 26 से 40 लोग घायल हुए, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल थे। कई की हालत गंभीर बताई गई। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि ट्रक मैकेनिकल फेलियर या नियंत्रण खोने से बेकाबू हुआ। बचाव कार्य तुरंत शुरू हुआ। प्रशासन ने अस्पतालों में घायलों का इलाज सुनिश्चित किया।

बलरामपुर (उत्तर प्रदेश) कार हादसा

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के चरनगहिया-बेलहा गांव में शनिवार रात करीब 11 बजे दुर्गा पंडाल के बाहर हादसा हुआ। आरती के बाद सड़क किनारे टेंट में प्रोजेक्टर पर फिल्म या वीडियो देख रहे ग्रामीणों पर तेज रफ्तार कार चढ़ गई। कार टेंट में घुस गई और कई लोगों को कुचल दिया।

तीन लोगों—पाटेश्वरी प्रसाद (42), मनोज सिंह (51) और गणेश पांडेय (45)—की मौत हो गई। चार से पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस ने शराबी बताए जा रहे ड्राइवर को जल्द गिरफ्तार कर लिया। घायलों को जिला अस्पताल और बहराइच रेफर किया गया।

आसनसोल चिमनी गिरने की घटना

पश्चिम बंगाल के आसनसोल (पश्चिम बर्दवान) के जमुरिया इलाके में श्याम एसईएल एंड पावर लिमिटेड के निर्माणाधीन पावर प्लांट में चिमनी का हिस्सा गिर गया। सप्तमी की रात काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।

चार मजदूरों की मौत हो गई। एक अन्य घायल है। स्थानीय विधायक और प्रशासन मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने मलबा हटाकर शव निकाले।

हैदराबाद डांडिया कार्यक्रम में ढांचा गिरना

तेलंगाना के हैदराबाद (नादेरगुल) स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में शनिवार को नवरात्रि डांडिया नाइट के दौरान लाइटिंग का आर्च या स्ट्रक्चर तेज हवा में गिर गया। छात्रों पर भारी ढांचा आ गिरा।

एक छात्रा (सोनी नारायण दास, फर्स्ट ईयर ईईई) की मौत हो गई। कुछ रिपोर्ट्स में दो मौतों का जिक्र है। करीब 14 छात्र घायल हुए, जिनमें से कई की हालत पहले गंभीर बताई गई थी। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बेहतर इलाज और कार्रवाई के निर्देश दिए।

ये सभी घटनाएं अलग-अलग जगहों पर हुईं, लेकिन एक बात साझा है—त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम और सतर्कता की कमी। कोलकाता में पंडाल की संकरी गलियां और बारिश, ग्वालियर में ढलान वाले रास्ते पर भारी वाहन, बलरामपुर में सड़क किनारे बैठे लोग, आसनसोल में निर्माण स्थल की सुरक्षा और हैदराबाद में अस्थायी ढांचे की मजबूती—सब पर सवाल उठ रहे हैं।

सरकारें मुआवजा दे रही हैं, जांच चल रही है। लेकिन खोई हुई जिंदगियां वापस नहीं आ सकतीं। नवरात्रि और दुर्गा पूजा का यह मौका सुरक्षा की याद दिलाता है। भीड़ वाले स्थानों पर प्रवेश-निकास के रास्ते साफ रखें, नियमों का पालन करें और सतर्क रहें।

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