कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ खुला पुराना केस

मध्य प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गुरुवार के दिन कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ की गई शिकायत के तथ्यों को फिर से सत्यापन करने का फैसला लिया है।

ग्वालियर के एक शिकायतकर्ता का आरोप है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक संपत्ति के दस्तावेजों में हेर-फेर कर 6000 फुट की जमीन का एक हिस्सा शिकायतकर्ता को बेचा था। आपको बता दें ,सिंधिया इसी सप्ताह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश की कमल नाथ सरकार संकट में आ गई है। कथित तौर पर सिंधिया के साथ बागी विधायकों ने भी राजभवन को अपने त्यागपत्र भेज दिए हैं। कांग्रेस के सभी बागी 19 विधायक बेंगलुरु के एक होटल में ठहरे हुए हैं।

पुलिस अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता सुरेंद्र श्रीवास्तव की शिकायत को सत्यापित करने के आदेश दिए जा चुके हैं। आर्थिक अपराध शाखा ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि सुरेंद्र श्रीवास्तव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उसके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने एक रजिस्ट्री दस्तावेज़ में हेर-फेर कर साल 2009 में ग्वालियर के महल गांव में 6000 फुट जमीन उसे बेची थी।

क्या कहा आर्थिक अपराध शाखा ने ?

EOW ने बताया की पहली बार यह शिकायत 26 मार्च 2014 को की गई थी। जिसकी जांच बाद हमने उसे साल 2018 में बंद कर दिया। उन्होंने बताया की आज 12 मार्च 2020 को फिर से हमें आवेदन दिया गया है। उस आधार पर हम शिकायत के तथ्यों को फिर से सत्यापित करेंगे।

कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रवक्ता और सिंधिया के समर्थक पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि इस शिकायत से कुछ होने वाला नहीं है। इस प्रकरण में सबूतों के अभाव में एक बार खात्मा हो चूका है। फिर भी बदले की भावना से ये सब किया जा रहा है। हमें संविधान पर पूरा भरोसा है ,हमें न्याय मिलेगा।

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