Patanjali Ghee

Patanjali Ghee लैब टेस्ट में फेल, कोर्ट ने ठोका जुर्माना, नेहा सिंह राठौर ने कसा तंज

Patanjali Ghee fails lab test: योगगुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि का देसी घी FSSAI के लैब टेस्ट में फेल गया। जिसके बाद अदालत ने रामदेव की कंपनी पर भारी भरकम जुर्माना लगाया। सिंगर नेहा सिंह राठौर ने कसा तंज।

लैब टेस्ट में फेल हुआ पतंजलि घी

योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पतंजलि के ‘गाय का घी’ के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद कोर्ट ने कंपनी समेत संबंधित पक्षों पर भारी जुर्माना लगाया। यह मामला 2020 से चला आ रहा था और 27 नवंबर 2025 को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

Patanjali Ghee fails lab test

जून 2020 में पिथौरागढ़ जिले के धारचूला तहसील स्थित करन जनरल स्टोर से पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के ‘गाय का घी’ का सैंपल लिया गया। यह सैंपल फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार लिया गया था। जो लैब टेस्ट में फेल हो गया।

घी का पहला सैंपल

Patanjali Ghee के सैंपल को रुद्रपुर (उत्तराखंड) स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (State Food Testing Laboratory) भेजा गया। 16 अक्टूबर 2021 को रिपोर्ट आई। जिसमें घी RM वैल्यू (Reichert-Meissl Value) के मानक से नीचे पाया गया। RM वैल्यू घी में अस्थिर फैटी एसिड (volatile fatty acids) के स्तर को मापती है। जो घी की शुद्धता का एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है। FSSAI के अनुसार, गाय के घी की RM वैल्यू कम से कम 28.0 होनी चाहिए, लेकिन सैंपल में यह मानक से कम थी।

पतंजलि घी का दूसरा सैंपल

Patanjali Ghee के रिफरल सैंपल को गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) की नेशनल फूड लैबोरेटरी भेजा गया। 26 नवंबर 2021 को यहां भी रिपोर्ट नकारात्मक आई, और सैंपल फेल हो गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी दिलीप जैन ने कोर्ट में इन रिपोर्ट्स को सबूत के रूप में पेश किया।

Patanjali Ghee: कोर्ट की कार्रवाई

17 फरवरी 2022 को मामला अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) योगेंद्र सिंह के कोर्ट में पहुंचा। लगभग 1,348 दिनों (करीब 3.5 साल) की लंबी प्रक्रिया के बाद, 27 नवंबर 2025 को कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने घी को ‘खाने लायक नहीं’ करार दिया और FSSAI एक्ट 2006 के उल्लंघन का दोषी ठहराया।

Patanjali Ghee: कोर्ट ने जुर्माना लगाया
  • पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड (निर्माता) पर 1,00,000 रुपए का जुर्माना।
  • ब्रह्म एजेंसी (डिस्ट्रीब्यूटर) पर 25,000 रुपये का जुर्माना खराब उत्पाद का वितरण के कारण लगाया गया।
  • करन जनरल स्टोर (खुदरा विक्रेता) पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

Patanjali Ghee को लेकर कोर्ट का सख्त आदेश 

कोर्ट ने सभी पक्षों को भविष्य में FSSAI नियमों का सख्त पालन करने का आदेश दिया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन पिथौरागढ़ के असिस्टेंट कमिश्नर आरके शर्मा ने इस फैसले की पुष्टि की।

Patanjali Ghee: पतजंलि की सफाई 

पतंजलि आयुर्वेद ने कोर्ट के फैसले को ‘त्रुटिपूर्ण और विधि-विरुद्ध’ बताते हुए खारिज कर दिया। कंपनी ने कहा कि कोर्ट ने उनके तर्कों पर ध्यान नहीं दिया और एकपक्षीय फैसला सुनाया। पतंजलि ने फैसले के खिलाफ फूड सेफ्टी अपीलेट ट्रिब्यूनल (FST) में अपील करने का ऐलान किया।

Patanjali Ghee: नेहा सिंह राठौर का ट्वीट वायरल 

गाय के घी को ‘स्वदेशी’ और ‘आयुर्वेदिक’ बताने वाली पतंजलि पर तंज कसे जा रहे हैं। गायिका नेहा सिंह राठौर ने ट्वीट कर लैब को ‘देशद्रोही’ कहा और पूछा, “ED कब रेड मारेगी?” यूजर्स ने रामदेव के ‘स्वदेशी’ दावों पर सवाल उठाए।

Patanjali Ghee: पतंजलि पर पहले भी उठे सवाल 

यह पहला मामला नहीं है। पहले भी पतंजलि के उत्पाद (जैसे हल्दी, अश्वगंधा) पर मिलावट के आरोप लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में मिसलीडिंग विज्ञापनों के लिए 50 लाख का जुर्माना लगाया था।

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असली घी को कैसे पहचानें

Patanjali Ghee: एक चम्मच घी को पानी के गिलास में डालें। शुद्ध घी ऊपर तैरेगा, जबकि मिलावटी घी नीचे बैठ जाएगा। शुद्ध घी की तेज, नट्टी गंध होती है और यह सुनहरा पीला होता है। मिलावटी घी में सफेदी या अजीब गंध हो सकती है। शुद्ध घी गर्म करने पर साफ पिघलेगा, बिना कणों के। मिलावटी में तलछट आ सकती है। हमेशा FSSAI लाइसेंस चेक करें और विश्वसनीय ब्रांड चुनें।

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