Bulldozer Justice पर SC का सख्त रुख, अब तक ढहाए गए इतने घर

बुल्डोजर जस्टिस पर SC का सख्त रुख, अब तक ढहाए गए इतने घर

Bulldozer Justice: सुप्रीम कोर्ट ने बुल्डोजर जस्टिस के खिलाफ कई मौकों पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इसके लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद भी यूपी और अन्य राज्यों में कार्रवाइयां जारी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि केवल आरोपी या दोषी होने के आधार पर किसी के घर या संपत्ति को ढहना असंवैधानिक है। इसके लिए क़ानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। अदालत के सख्त रुख के बावजूद भी उत्तर प्रदेश समेत देश का कई राज्यों में बुल्डोजर जस्टिस जारी है।

Bulldozer Justice पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले

  • 2 सितंबर 2024: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल आरोपी होने के आधार पर किसी घर नहीं ढहाया जा सकता, भले ही वह दोषी हो।
  • 17 सितंबर 2024: कोर्ट ने 1 अक्टूबर तक बुल्डोजर कार्रवाइयों पर रोक लगाई। अदालत क़ानूनी प्रक्रिया का पालन करने का आदेश दिया।
  • 13 सितंबर 2024: सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत निर्देश जारी किए। जिसमें कहा गया कि बुल्डोजर कार्रवाई से पहले नोटिस देना अनिवार्य है। अदालत ने कार्रवाई की वीडियोग्राफी करने का निर्देश दिया। अदालत ने एक डिजिटल पोर्टल बनाने का आदेश दिया, जिसमें नोटिस की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
  • 6 नवंबर 2024: 2019 के यूपी के एक मामले में कोर्ट ने बिना नोटिस के घर तोड़े जाने पर 25 लाख रुपए के मुआवजे का आदेश दिया।
  • 1 अप्रैल 2025: प्रयागराज में 2021 में हुई कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए कोर्ट ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया।

बुल्डोजर जस्टिस पर कोर्ट के निर्देश

  1. बुल्डोजर कार्रवाई केवल अवैध निर्माणों के लिए हो सकती है। वह भी उचित क़ानूनी प्रक्रिया के बाद।
  2. 15 दिन पहले नोटिस देना अनिवार्य है। नोटिस डाक या डिजिटल पोर्टल के माध्यम से भेजा जाना चाहिए।
  3. कार्रवाई का कारण स्पष्ट करना और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देना जरूरी है।
  4. अगर प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ तो संबंधित अधिकारी को मुआवजा देना होगा।

यूपी और अन्य राज्यों में बुल्डोजर कार्रवाइयों का विवरण

एक अनुमान के अनुसार 2022-23 में उत्तर प्रदेश में 153000 घर ढहाए गए। जिसकी वजह से 738000 लोग बेघर हुए। यह आंकड़ा अल्संख्यक समुदायों पर अधिक प्रभाव डालने वाला है। लेकिन इसे सत्यापित नहीं किया जा सकता। इसके लिए सरकारी आंकड़े जरूरी हैं।

एमनेस्टी इंटरनेशनल की फरवरी 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2022 से 2023 यूपी ,  दिल्ली, असम, मध्य प्रदेश और राजस्थान में सांप्रदायिक हिंसा के बाद 128 संपत्तियां ढहाई गई।

यूपी के बहराइच में हिंसा के बाद तीन लोगों के घरों पर बुल्डोजर की कार्रवाई का नोटिस जारी किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अगले दिन ही इस पर रोक लगा दी थी।

जून 2024 में अकबरनगर में कई घर ढहाए गए। जिसके बदले प्रभावितों को फ्लैट दिए गए। ऐसे ही कई अन्य मामले हैं।

मध्य प्रदेश में बुल्डोजर चलने के मामले

मध्य प्रदेश के मंडला छतरपुर और रतलाम में बुल्डोजर से घर ढहाए जाने के कई मामले है। मंडला में पशु तस्करी के 12 आरोपियों की संपत्तियां ढहाई गई। छतरपुर में हाजी शहजाद का निर्माणाधीन घर ढहाया गया। रतलाम में 11 मुस्लिमों के घर पर बुल्डोजर कार्रवाई की गई।

राजस्थान में बुल्डोजर काईवाई के मामले

उदयपुर के राशिद खान के घर को बुल्डोजर से ढहाया गया। उसके 15 वर्षीय बेटे पर स्कूल में अपने सहपाठी पर चाक़ू से हमला करने का आरोप था।

दिल्ली में Bulldozer Justice

2022 में सांप्रदायिक हिंसा के बाद Bulldozer Justice कार्रवाई की गई। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया। इसके अलावा दिल्ली में अभी भी बुल्डोजर कार्रवाइयां जारी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये कार्रवाइयां अवैध झुग्गियों पर चल रही हैं। दिल्ली के अलावा गुजरात में भी 128 संपत्तियों पर बुल्डोजर कार्रवाई हुई है।

नोट: सटीक आंकड़ों के लिए सरकारी रिकॉर्ड या स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है। उपलब्ध जानकरी आधिकारिक नहीं है।

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