फिल्म समीक्षा: शानदार है सुशांत सिंह राजपूत और श्रद्धा कपूर की छिछोरे फिल्म

कॉलेज लाइफ फिल्म की बात की जाती है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में कई फ़िल्में आती हैं।जैसे 90 के दशक में आई अजय देवगन की ‘फूल और कांटे’ 2009 में आई आमिर खान की 3 इडियट्स और हाल ही में रिलीज हुई टाइगर श्रॉफ को स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2 जैसी काफी फ़िल्में हैं।

छिछोरे फिल्म समीक्षा

जब सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘छिछोरे’ का ट्रेलर रिलीज हुआ था तो दर्शकों को लगने लगा था कि ये फिल्म उपरोक्त फिल्मों की तरह होगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है ,फिल्म देखने के बाद पता चला कि ‘छिछोरे’ फिल्म की अपनी पहचान और कहानी है।

कहानी

फिल्म छिछोरे की कहानी इंजीनीयरिंग की पढ़ाई कर चुके अनिरुद्ध पाठक, माया उसके दोस्त सेक्सो,मम्मी ,बेवड़ा और डेरेक की है। फिल्म की शुरूआत फ़्लैशबैक से होती है। जहां अनिरुद्ध का किरदार निभा रहे सुशांत सिंह राजपूत अपने होस्टल में मचने वाली खलबली के बारे में सोच रहा है। अनिरुद्ध और माया का एक बीटा है। जो अपने पिता की तरह इंजीनीयरिंग की पढ़ाई करने का सपना लिए जी रहा है। अनिरुद्ध का बेटा राघव वो कारण बनता है जो अपने पिता के सभी दोस्तों को एक बार फिर मिलाता है।

स्टार कास्ट

फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने बढिया अभिनय किया है। उन्होंने एक कॉलेज स्टूडेंट और एक पिता के दोनों किरदार बहुत अच्छे तरीके से निभाए हैं। उनके अलावा श्रद्धा कपूर,प्रतीक बब्बर ,वरुण शर्मा ,ताहिर राज भसीन ,नवीन और तुषार पांडे ने भी शानदार अदाकारी दिखाई है।

फिल्म में वरुण शर्मा सेक्सो का किरदार निभाते हुए सभी को हंसाते रहते हैं। ताहिर राज भसीन भी जिस सीन में होते हैं उसे अपना बना लेते हैं।

कुल मिलाकर जब आप सिनेमा घर में फिल्म को देख रहे होते हैं तो आपको ऐसा नहीं लगेगा की आप किसी फिल्म को देख रहे हैं बल्कि अपने स्कूल-कॉलेज के दिनों की यादों में जरूर खो जाएंगे। फिल्म में मस्त कॉमेडी दिखाई गई है।

दंगल फिल्म के निदेशक नितेश तिवारी ने जिस तरह से छिछोरे फिल्म की कहानी को पेश करने की कोशिश की है वो तारीफ के लायक है।

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