Tejas Nandkumar ने Asian Para Games 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता

Tejas Nandkumar ने Asian Para Games 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीता

Tejas Nandkumar ने Asian Para Games 2026 में पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक S7 में 1:18.58 के समय से कांस्य पदक जीता। पूरी कहानी पढ़ें।

Tejas Nandkumar ने Bronze Medal जीता

तेजस नंदकुमार ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक S7 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाल दिया। उन्होंने यह दूरी 1:18.58 के समय में पूरी की और पोडियम पर जगह बनाई। जापान के आइची-नागोया में चल रहे इन खेलों में यह बेंगलुरु के इस युवा तैराक के लिए बड़ी उपलब्धि है।

Tejas Nandkumar की रेस कैसी रही

100 मीटर बैकस्ट्रोक में तैराक पीठ के बल पानी में उतरते हैं और पूरी रेस उसी अंदाज में तैरते हैं। यहां दिशा संभालना और लय बनाए रखना सबसे मुश्किल होता है। S7 श्रेणी में वे खिलाड़ी आते हैं जिन्हें शारीरिक अक्षमता है, लेकिन जिनके हाथों की ताकत और तकनीक पानी में बड़ा फर्क पैदा करती है। इस स्पर्धा में तेजस ने 1:18.58 का समय निकाला और तीसरे स्थान पर रहकर कांस्य अपने नाम किया।

Tejas Nandkumar कौन हैं ?

तेजस नंदकुमार बेंगलुरु के पैरा तैराक हैं और अभी सिर्फ 18 साल के हैं। उन्हें अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय S7 क्लासिफिकेशन 2023 के हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स में मिली थी। यानी इस मंच से उनका रिश्ता पुराना है, और इस बार वे अनुभव के साथ लौटे और पदक लेकर निकले।

तेजस को संघर्ष के बाद मिली यह जीत

यह सफर आसान नहीं रहा। इसी साल जुलाई में क्लासिफिकेशन की तकनीकी दिक्कत के कारण वे ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं ले पाए थे। उनकी इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन का स्टेटस पुराना (R-2025) माना गया और उनकी एंट्री खारिज हो गई। ऐसे झटके के बाद किसी भी खिलाड़ी का हौसला डगमगा सकता है। तेजस ने उसी निराशा को पानी में उतारा और तीन महीने के भीतर एशियाई मंच पर पदक जीत लिया।

एशियन पैरा गेम्स 2026 और भारत

एशियन पैरा गेम्स 2026 का आयोजन 18 से 24 अक्टूबर तक आइची-नागोया, जापान में हो रहा है। भारत ने इन खेलों के लिए 166 खिलाड़ियों का दल भेजा है और पिछली बार हांगझोउ में जीते 108 पदकों के रिकॉर्ड के बाद एक बार फिर 100 पदक पार करने का लक्ष्य रखा है। तेजस का कांस्य उसी अभियान में एक अहम योगदान है।

तेजस इन खेलों में 400 मीटर फ्रीस्टाइल S7 में भी उतरने वाले हैं। देश की नजरें अब उस रेस पर रहेंगी। इस पदक के बाद उम्मीद है कि पैरा तैराकी में नई प्रतिभाओं को भी वह पहचान और सहयोग मिलेगा जिसके वे हकदार हैं।

तेजस नंदकुमार की यह जीत बताती है कि रुकावटें रास्ता रोक सकती हैं, मंजिल नहीं। एशियन पैरा गेम्स 2026 में 1:18.58 के समय के साथ मिला यह कांस्य पदक उनकी मेहनत और धैर्य का सबूत है। पैरा खेलों की ऐसी ही खबरों के लिए हमारे साथ बने रहें।

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