काबुल धमाके में मारे गए यूएस सैनिक, राष्ट्रपति जो बिडेन ने आतंकियों को चेतावनी देते हुए कहा-न भूलेंगे, न माफ़ करेंगे,तुम्हे चुन-चुनकर अपना शिकार बनाएंगे

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अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन

गुरुवार के दिन अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे के पास हुए सीरियल बम धमाकों में अमरीका के 13 सैनिकों की मौत हो गई है। काबुल एयरपोर्ट पर हुए इस बम धमाके मैं 12 अमरीकी नौसैनिक और सेना का एक डॉक्टर भी शामिल था। इन बम धमाकों में अब तक कुल 73 लोगों के मारे जाने की खबर है। काबुल एयरपोर्ट के पास हुए बम धमाकों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की खबर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन ने तालिबानी आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी है। राष्ट्रपति ने इसके साथ ऐलान किया है कि अफगानिस्तान से अमेरिका के नागरिक को निकालने का काम जारी रहेगा।

काबुल बम धमाकों के बाद आतंकियों को खुलेआम चुनौती देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा,” हम माफ नहीं करेंगे। हम नहीं भूलेंगे। हम चुन-चुन कर तुम्हारा शिकार करेंगे और मारेंगे। आपको इसका भुगतना ही होगा।”

राष्ट्रपति बिडेन ने आगे कहा कि काबुल हवाई अड्डे पर हुए हमले में तालिबान और इस्लामिक स्टेट के बीच मिलीभगत का अब तक कोई सबूत नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि हम अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को बचाएंगे। हम अपने अफगान सहयोगियों को बाहर निकालेंगे और हमारा मिशन जारी रहेगा।

दूसरी तरफ अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका सेना के 100 से अधिक जवान घायल हो गए हैं। इन की संख्या ज्यादा भी बढ़ सकती है। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि हवाई अड्डे के पास दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों ने भीड़ को निशाना बनाकर हमला किया। जिसमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि रूसी अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए मृतकों के आंकड़े के में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या शामिल है या नहीं।

अफगान अस्पतालों का संचालन करने वाली इटली की एक संस्था ने बताया कि वह हवाई अड्डे पर हमले में घायल हुए 60 लोगों का इलाज कर रहे हैं। जिनमें 10 घायल ऐसे थे जिन्होंनेअस्पताल आने के दौरान दम तोड़ दिया। अफगानिस्तान में संस्था के प्रबंधक ने कहा कि सर्जन रात में भी अपनी सेवा देंगे। उन्होंने कहा कि घायलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिस्तरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।

काबुल में हुए बम धमाकों की भारत ने कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने काबुल हवाई अड्डे पर हुए आतंकी हमले की निंदा की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी हमले को बर्बर करार देते हुए कहा कि निकासी अभियान तेजी से जारी रखने की जरूरत है।

आपको बता दें कि एक हमलावर ने उन लोगों को निशाना बनाकर हमला किया जो गर्मी से बचने के लिए घुटने तक पानी वाली नहर में खड़े थे इस दौरान पानी में शव तैरते दिखे ।

अमेरिकी सैन्य अधिकारी का कहना है कि निश्चित तौर पर माना जा रहा है कि काबुल हवाई अड्डे के पास हुए हमले के पीछे आतंकी समूह आईएसआईएस का हाथ है। इस्लामिक स्टेट समूह तालिबान से अधिक चरमपंथी है और इसने सामान्य नागरिकों पर कई बार हमले किए हैं। सैन्य अधिकारियों ने काबुल में ऐसे और आत्मघाती हमले होने की आशंका जताई है।

काबुल एयरपोर्ट पर हुए हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएसआईएस ने ली है। इस बात की जानकारी साइट मॉनिटरिंग ने दी है। हालांकि आतंकी संगठन ने टेलीग्राम अकाउंट के जरिए इसकी जानकारी दी है। वही एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि क्षेत्र को निशाना बनाए जाने के बावजूद ने निकासी अभियान के लिए काबुल हवाई अड्डे से उड़ान भरी जा रही है।

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