CJI DY Chandrachud bungalow: पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के सरकारी बंगले को खाली न करने का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा केंद्र सरकार को पत्र लिखे जाने के बाद सुर्ख़ियों में आया है। पत्र में लुटियंस दिल्ली 5, स्थित कृष्णा मार्ग के बंगले को तुरंत खाली कराने का आग्रह किया गया है। यह बंगला वर्तमान सीजेआई के लिए नामित है।
CJI DY Chandrachud government bungalow
डीवाई चंद्रचूड़ नवंबर 2022 से नवंबर 2024 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहे। वे 10 नवंबर 2024 को रिटायर हो गए थे। सुप्रीम कोर्ट जजेज नियम, 2022 के रूल 3B के तहत सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश को रिटायरमेंट के बाद छह महीने तक टाइप VII बंगले में मुफ्त रहने की अनुमति होती है। हालांकि पूर्व सीजेआई टाइप VIII बंगले में रह रहे हैं। जो उच्च श्रेणी का है और उसमें केवल वर्तमान मुख्य न्यायाधीश ही रह सकते हैं।
सरकारी बंगले में विशेष अनुमति के तहत रहे चंद्रचूड़
पूर्व सीजेआई को विशेष परिस्थियों के कारण रिटायमेंट के बाद इस बंगले में रहने की अनुमति दी गई थी। ये अवधि 31 तक थी। जिसके लिए उन्हें हर महीने 5430 रुपए लाइसेंस फीस देनी थी। हालांकि, जुलाई 2025 तक उन्होंने सरकारी बंगला खाली नहीं किया, जो नियम के विरुद्ध है।
पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने बताई बंगला खाली न करने की वजह
उन्होंने बंगला खाली न करने के पीछे व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया। डीवाई चंद्रचूड़ की दो बेटियां माही और प्रियंका हैं, जो एक दुर्लभ बिमारी नेमालाइन मायोपैथी से पीड़ित हैं। दोनों का इलाज AIIMS में चल रहा है। वे व्हील चेयर का इस्तेमाल करती हैं। पूर्व सीजेआई ने कहा कि दिल्ली में आमतौर पर फ्लैट्स के दरवाजे 2-2.5 फीट चौड़े होते हैं, जो व्हीलचेयर के लिए अपर्याप्त हैं।
होटलों में रहने की कोशिश की
हालांकि उन्हें तुगलक रोड पर एक बंगला आबंटित किया गया था, जो उपयोग में नहीं था और उसे रहने योग्य बनाने के लिए व्यापक मरम्मत की जरूरत है। पूर्व सीजेआई ने कहा कि उन्होंने सर्विस अपार्टमेंट और होटलों में रहने की कोशिश की लेकिन उनकी बेटियों की विशेष जरूरत के कारण ये विकल्प उपयुक्त नहीं थे।
सामान पैक और शिफ्ट की तैयारी
7 जुलाई को चंद्रचूड़ ने स्पष्ट किया कि उनका सामान पैक है और अगले 14 दिन के भीतर शिफ्ट कर जाएंगे।
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नैतिक जिम्मेदारी
पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वे अपनी नैतिक जिम्मेदारियों से भली भांति वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि अनिश्चित काल तक इस बंगले में रहने का इरादा नहीं है। उन्होंने वर्तमान न्यायाधीश बी आर गवई से इस बारे में बात की है और आश्वासन दिया कि वे जल्द ही सरकारी बंगला खाली कर देंगे।




